Ak47 बरामदगी मामला: फरार विधायक अनंत सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी,, जानिए कहां से शुरू हुई पूरी कहानी
पटना/बाढ़। मोकामा के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह के बाढ़ स्थित पैतृक गांव लदमा से एके-47 बरामदगी मामले में बाढ कोर्ट ने अनंत सिंह के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर अनंत सिंह के खासम खास और करीबी रहे लल्लू मुखिया की अर्जी को खारिज करते हुए कुर्की जब्ती का वारंट जारी कर दिया है। जिससे अनंत सिंह कीी मुश्किलें और काफी ज्यादा बढ गई है। कोर्ट ने पटना पुलिस को वारंट लेटर सौंप दिया है। बता दें कुछ दिनों पूर्व बाढ़ के पंडारक से पटना के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें गिरफ्तार युवकों ने पुलिस के समक्ष दिए बयान में कहा था कि पंडारक के कुख्यात अपराधी भोला सिंह और उसके मुखिया भाई मुकेश सिंह को मारने के लिए बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने भेजा है। इसी दौरान हिरासत में लिए गए युवकों ने लल्लू मुखिया और उसके भाई रणवीर यादव का भी नाम लिया था। उसके बाद से ही बाढ़ एएसपी लिपि सिंह के नेतृत्व में पटना पुलिस उन दोनों की गिरफ्तारी की तैयारी में लगी है। गिरफ्तारी न होने के कारण पटना पुलिस ने कोर्ट में लल्लू मुखिया के घर की कुर्की जब्ती वारंट जारी करने की अपील की थी और अंततः मंगलवार को कोर्ट ने लल्लू मुखिया के बेल पिटिशन को खारिज करते हुए कुर्की जब्ती वारंट निर्गत कर दिया है। इसके साथ ही पटना पुलिस भी कुर्की जब्ती की तैयारी शुरू कर दी है। बता दें इस बीच पिछले महीने बाहुबली विधायक अनंत सिंह और एक अन्य अपराधी के बीच बातचीत का दर्जनों कथित ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें अनंत सिंह उक्त अपराधी को भोला सिंह और उसके भाई मुकेश सिंह को जान से मारने का निर्देश दे रहे हैं। उस ऑडियो में एके-47 का भी जिक्र है। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी। पटना पुलिस ने विधायक अनंत सिंह को अपना ऑडियो सैंपल देने के लिए पुलिस मुख्यालय में तलब भी किया था। जिसके बाद अनंत सिंह ने पुलिस मुख्यालय जाकर अपना ऑडियो सैंपल दिया था। कहा जाता है कि अनंत सिंह ऑडियो सैंपल के दौरान बुतरू और ak-47 बोलने में फंस गए हैं। हालांकि अभी उक्त ऑडियो की एफएसएल रिपोर्ट नहीं आई है।
बड़ी तेजी से घटे घटनाक्रमों के बीच एक मिशन के तौर पर काम कर रही आईपीएस अधिकारी एवं लेडी सिंघम के नाम से चर्चित लिपि सिंह ने अनंत सिंह पर नकेल कसना शुरू कर दिया। इसी दौरान सूचना मिली की अनंत सिंह के बाढ़ स्थित लदमा आवास पर प्रतिबंधित हथियार एके-47 मौजूद है। पुलिस मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही बिना देर किए रातों-रात रात अनंत सिंह के पूरे आवास को अपने कब्जे में लेकर सघन सर्च अभियान चलाया। इस दौरान पटना पुलिस को उनके आवास से एक एके-47 राइफल, दो ग्रेनेड, जिंदा कारतूस और मैगजीन हाथ लगी। वहीं पटना पुलिस ने उनके घर के केयरटेकर को गिरफ्तार करते हुए अनंत सिंह पर यूएपीए कानून के तहत मामला दर्ज किया है, जो संशोधित कानून के बाद बिहार में पहला मामला दर्ज किया गया है। उक्त कानून के तहत आरोपी की गिरफ्तारी के लिए किसी वारंट की जरूरत नहीं होती है, बस यही पर पटना पुलिस चूक गई और बाहुबली विधायक अनंत सिंह को भागने का मौका दे दिया। जिस दिन पटना पुलिस विधायक के पटना स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी, ठीक उसके कुछ घंटे पहले विधायक सरकारी मोबाइल घर पर ही छोड़ कर दूसरे किसी वाहन से फरार हो गए। अब पटना पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए बिहार सहित अन्य राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। अनंत सिंह के करीबियों व सगे संबंधियों के घरों पर भी ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं लेकिन अब तक अनंत सिंह पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। हालांकि उन्होंने फेसबुक पर अपना वीडियो जारी करते हुए पटना पुलिस पर कई आरोप लगाए हैं और कहा है कि मैं दो-तीन दिनों में पुलिस के समक्ष खुद को समर्पण कर दूंगा लेकिन उससे पहले मैं अपने फ्लैट पर जाऊंगा और मीडिया के लोगों से मिलूंगा। वहीं दूसरी ओर पुलिस मुख्यालय ने विधायक के सारे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरे सर्च ऑपरेशन की वीडियोग्राफी कराई गई है। बहरहाल अब देखना यह है कि पटना पुलिस बाहुबली विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार करने में सफल हो पाती है या फिर अनंत सिंह खुद आत्मसमर्पण करते हैं।


