February 21, 2026

उमेश कुशवाहा का विपक्ष पर बोला हमला, कहा- जन विरोधी हैं शराबबंदी कानून का विरोध करने वाले

पटना। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने एक बयान जारी कर विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि 1 अप्रैल 2016 को बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लाया गया था तब बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी थी और राजद महागठबंधन का हिस्सेदार था तब राजद और जदयू की सहमति से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी लेकिन राजद सरकार से अलग होने के बाद से शराबबंदी कानून पर अनाप-शनाप बयानबाजी करता रहा है। विधानमंडल के दोनों सदनों में पक्ष और विपक्ष की सहमति के बाद कानून बनाया गया और सर्वसम्मति से बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू किया गया था, ऐसे में विपक्ष को इस पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नही है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से सवाल किया है कि उनको इस पर अपना पक्ष स्पष्ट रखना चाहिए लेकिन इस सवाल पर तेजस्वी मौन धारण किए हुए हैं। जिससे लगता है कि तेजस्वी सच्चाई से आंख चुरा रहे हैं। यदि विरोध ही करना था तो तेजस्वी और उनकी पार्टी को उसी समय विरोध करना चाहिए था। उस समय तेजस्वी यादव बिहार में डिप्टी सीएम के पद पर विराजमान थे लेकिन उस समय तेजस्वी सरकार का साथ दिया और बिहार में शराबबंदी कानून को लागू किया गया।
श्री कुशवाहा ने कहा कि मेरा मानना है कि अपने माता-पिता की तरह तेजस्वी यादव भी सत्ता के लोभी हैं और कुर्सी की चाहत में तेजस्वी शराबबंदी कानून का समर्थन किया था और पुन: कुर्सी के लिए ही शराबबंदी कानून का विरोध कर रहे हैं। जगजाहिर है कि जन आकांक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को जनहित में लागू किया और इस कानून को जब धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास चल रहा है तो विपक्षी नेताओं के द्वारा इसे गलत बताया जा रहा है। यही कारण है कि विपक्षी दलों के नेता जनता से दूर होते जा रहे हैं और जनता सीएम नीतीश कुमार पर भरोसा कर चल रही है और आगे आने वाले चुनाव में भी हमें पूरी सफलता मिलेगी, ऐसा मेरा विश्वास है।
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने से जनता को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री जनता के लिए ही शराबबंदी कानून को लेकर अपने फैसले पर अटल हैं। आंकड़े गवाह हैं कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आई और इससे लाखों लोगों के जीवन को बचाने में सफलता मिली है।

You may have missed