बोले मंत्री रामसूरत राय : खाने-पीने का सामान बेचने वाले व्यवसायी को लेना होगा फूड सेफ्टी का ट्रेनिंग, पास में रखना होगा सर्टिफिकेट
- फूड सेफ्टी ट्रेनिग कार्यक्रम का अनीसाबाद में मंत्री ने किया उद्घाटन
फुलवारी शरीफ। फूड वाला, चाय वाला, किराना दुकानदार, गोलगप्पा वाला, खोमचे वाला हो या कोई किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ बेचने वाला हो, उन सभी को फूड सेफ्टी का ट्रेनिंग लेना जरूरी है। बगैर फूड सेफ्टी ट्रेनिंग के व्यवसाय सुरक्षित नहीं है। ये बातें संचय एजुकेशन सोसाइटी, रायपुर छत्तीसगढ़ के द्वारा भारत सरकार के एफएसएसएआई के द्वारा निर्देशित फूड सेफ्टी ट्रेंनिंग एंड सर्टिफिकेशन कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बिहार सरकार के राजस्व व भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने बुधवार को कहा। कार्यक्रम का आयोजन न्यू बाईपास रोड अनीसाबाद स्थित एक निजी हॉल में किया गया। इससे पहले मंत्री ने द्वीप जलाकर विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान पटना हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थी।
वहीं सोसाइटी द्वारा नियुक्त जिला नोडल पदाधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि फास्टेक कार्यक्रम के द्वारा सभी खाने-पीने का सामान बेचने वाले दुकानदारों को फूड सेफ्टी का ट्रेनिंग लेना अनिवार्य कर दिया गया है एवं ट्रेनिंग के उपरांत सभी दुकानदारों को इसका ट्रेनिंग सर्टिफिकेट पास में रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इस श्रेणी में सभी फूड स्ट्रीट वेंडर, किराना दुकान, होटल व्यवसायी, मीट, मछली दुकानदार, चाय दुकानदार के साथ साथ सभी व्यवसायी आएंगे, जो प्रत्यक्ष रूप से फूड व्यवसाय से जुड़े हैं। ट्रेनिंग शुल्क के रूप में 700 रुपये का रशीद काटा जाएगा और यह दो साल के लिए मान्य रहेगा। इस मौके पर स्टेट नोडल आफिसर संजय कुमार भी मौजूद थे।


