Big breaking-जाप सुप्रीमो पप्पू यादव रिहा,तीन दशक पुराने मामले में कोर्ट ने किया बरी,समर्थकों में हर्ष
पटना। पूर्व सांसद तथा जाप सुप्रीमो पप्पू यादव को अंततः न्यायालय से रिहाई मिल ही गई।पप्पू यादव कोरोना काल के दौरान एक पुराने अपहरण के मामले में पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए थे।तब से पप्पू यादव जेल में ही थे।मधेपुरा की कोर्ट ने पप्पू यादव को अपहरण के मामले में बाइज्जत बरी कर दिया है।पप्पू यादव को जिस मामले में पुलिस ने 4 महीने पहले कोरोना काल के दौरान गिरफ्तार किया था।उस मामले में उन्हें अब कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।जन अधिकार पार्टी के नेता प्रेमचंद यादव ने बताया है कि एडीजे निशिकांत ठाकुर की अदालत ने पप्पू यादव को अपहरण के इस मामले में बरी कर दिया है। कोरोना आपदा के दौरान पीड़ितों को सेवा में जुटे पप्पू यादव को पुलिस ने 32 वर्ष पुराने मामले में निर्गत वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था।इस मामले में जमानत टूटने के बाद पटना पुलिस ने पप्पू यादव को उनके आवास से गिरफ्तार किया था।करीब 32 साल पहले 29 जनवरी 1989 मधेपुरा के मुरलीगंज थाने में अपहरण का एक केस दर्ज हुआ था।शैलेंद्र यादव नाम के एक व्यक्ति ने केस दर्ज कराया था कि पप्पू यादव ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर राजकुमार यादव औऱ उमा यादव नाम के दो व्यक्तियों का अपहरण कर लिया है।पुलिस जब तक कुछ कार्रवाई करती उससे पहले अपहृत बताये जा रहे दोनों व्यक्ति सकुशल अपने घर वापस लौट आये।लेकिन पुलिस का केस चलता रहा। पूर्व सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश भर में जमकर हंगामा हुआ था।पप्पू यादव के द्वारा पीड़ितों को सेवा किए जाने के दौरान जब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया तब उनके समर्थकों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं पप्पू यादव की गिरफ्तारी की संपूर्ण विपक्ष ने मिलकर निंदा की थी।


