पटना विवि में बेटियों का जलवा : 41 टॉपरों में से 31 बेटियों ने झटके गोल्ड मेडल, शिक्षा मंत्री ने दिया यह आश्वासन
पटना। पटना यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस पर बेटियों का जलवा रहा। कुल 41 टॉपरों में से 31 बेटियों ने गोल्ड मेडल झटके जबकि 10 छात्र गोल्ड मेडल पाए। इस दौरान सम्मान पाकर टॉपरों के चेहरे खिल उठे। बेटियों को मिले गोल्ड मेडल पर शिक्षा मंत्री विजय चौधरी से लेकर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों ने बधाई दी। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने पटना विवि के नए भवन को लेकर आश्वासन दिया है कि वह अपने कार्यकाल में एक भवन का शुभारंभ करा देंगे।
प्रदेश में शिक्षा कभी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर की मोहताज नहीं
शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि मेडल प्राप्त करने वालों में बेटियों की संख्या अधिक रही है और बिहार सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिला शिक्षा के प्रति जो काम कर रही है, उसका यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं और राज्य सरकार के राजस्व की प्राप्ति भी काफी कम हुई है। ऐसे में कुलपति ने विश्वविद्यालय के लिए दो भवन के निर्माण का जो प्रस्ताव रखा है, उसमें से वह अपने कार्यकाल में सिर्फ एक भवन को ही बनाने का काम शुरू करा सकते हैं। ऐसे में कुलपति इसकी प्राथमिकता तय करें कि कौन सा भवन पहले बनेगा। मंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में शिक्षा कभी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर की मोहताज नहीं रही है और हमारे देश में पेड़ के नीचे शिक्षा ग्रहण करने की एक समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी विश्वविद्यालय का नाम उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर से नहीं होता बल्कि वहां के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से होता है।
शिक्षा सचिव ने की चिंता जाहिर
छात्रों को बधाई देते हुए शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि यह गौरव की बात है कि बेटियां प्रदेश में बेटों से काफी आगे निकल रही हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर चिंता भी जाहिर करते किया कि आज बच्चे मेन स्ट्रीम स्टडी की तरफ कम आकर्षित हो रहे हैं और प्रोफेशनल और वोकेशनल कोर्सेज की तरफ ज्यादा झुकाव रख रहे हैं। इस बात पर भी चिंता जताया कि यह देखने को मिलता है कि साहित्य के विषयों के प्रति छात्रों का झुकाव कम हो रहा है और साहित्य और इतिहास में अगर हम कमजोर हो जाएंगे तो हमारा भविष्य कमजोर हो जाएगा।
अब बड़े जर्नल में शोध प्रकाशन की तैयारी
विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चौधरी ने कहा कि यह चिंता है कि बड़े जर्नल में विश्वविद्यालय के रिसर्च प्रकाशित नहीं होते हैं। वह जब से विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर का कार्यभार संभाले हैं, शोध की गुणवत्ता पर लगातार ध्यान दे रहे हैं और इसे लेकर उन्होंने शिक्षकों के साथ कई बैठकें भी की है। लेकिन उनके पास अब तक मात्र 10 से 15 रिसर्च पेपर ही उपलब्ध हो पाए हैं। अब वह शोध को बड़े जर्नल में पब्लिश कराने का प्रयास कर रहे हैं। इसके पहले कुलपति ने शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय का नया एकेडमिक भवन और नया एडमिनिस्ट्रेटिव भवन बनाने का प्रपोजल दिया और इसका पूरा खाका प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा मंत्री को दिखाया। कुलपति ने कहा कि आज पटना विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या काफी अधिक बढ़ गई है ऐसे में विश्वविद्यालय के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की अति आवश्यकता है।


