PATNA : भोगीपुर में अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से गिरे मजदूर की मौत, हंगामा व मुआवजे की मांग
- मुआवजा मांग रहे मजदूरों को बिल्डर ने धमकाया, दस हजार लेकर भागने को बोल दूर तक खदेड़ा
फुलवारी शरीफ। राजधानी पटना से सटे संपतचक प्रखंड अंतर्गत भोगीपुर गांव के पास एकतापुरम स्थित रुक्मिणी बिल्डटेक द्वारा निर्माण कराये जा रहे अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से गिरे मजदूर की मौत हो गयी। घटना के बाद वहां अफरा तफरी मच गयी। आनन फानन में उसे लोग निजी हॉस्पिटल ले गए, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं मौके पर पहुंची गोपालपुर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज कर जांच शुरू कर दी है। इधर मृतक मजदूर की शिनाख्त लखीसराय जिला के कजरा थानान्तर्गत चंपा नगर निवासी रामदेव यादव के 39 साल के बेटे रामधनी कुमार के रुप में होते ही वहां पहुंचे मजदूरों ने काफी हो हंगामा करते हुए मृतक के परिवार को मुआवजा की मांग करने लगे। मृतक पटना के एक किराए के मकान में रहता था और मजदूरी करता था।
बगैर सुरक्षा उपायों के ही हो रहा था निर्माण कार्य
हंगामा के दौरान लोगों ने बताया कि जमीन मालिक रामनरेश सिंह और कांतेश रंजन के हिस्से वाली एरिया में काम हो रहा था। वहां काम करने वाले अन्य मजदूरों और हो-हंगामा करने वाले लोंगो ने बताया कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। गरीबी और आर्थिक तंगी में बाहरी मजदूर जान जोखिम में डालकर काम करते हैं। घटनास्थल पर पहुंची गोपालपुर पुलिस को लोगों ने बताया कि बगैर सुरक्षा उपायों के ही निर्माण कार्य कराए जाने से मजदूर की सातवीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई। इतना ही नहीं, काम कराने वालों ने मृतक मजदूर के समर्थन में आये लोगों को उचित मुआवजा दिलाने का भी आश्वासन नहीं दे रहे थे, जिससे झगड़ा बढ़ गया। इस दौरान मारपीट की नौबत आ गयी। वहीं गोपालपुर थाना पुलिस किसी तरह की हो हंगामे से साफ इंकार करती रही जबकि देर शाम तक घटनास्थल एकतापुरम पहुंचे करीब सौ से अधिक मजदूर मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने पर अड़े रहे। अपार्टमेंट के पास जमा मजदूरों ने कहा कि बिल्डर और जमीन मालिक गरीब मजदूर के परिवार को जब तक मुआवजा देने का भरोसा नहीं दिलाएंगे, वे लोग यहां से हटने को तैयार नहीं है।


बिल्डर ने धमकाते हुए मजदूरों को खदेड़ा
मजदूरों ने बताया कि मजदूर की मौत के बाद वहां जब उसके साथी मजदूर मुआवजे की मांग करने पहुंचे तो बिल्डर अजीत और मानव ने धमकाते हुए दूर तक खदेड़ दिया। इतना ही नहीं जब मजदूर साथियों ने बिल्डर से कहा कि मृतक के परिवार को मुआवजा देना ही होगा, तब बिल्डर और उसके लोगों ने कहा कि दस बीस हजार लेना है तो लो वरना भागो। इसके बाद अपार्टमेंट एरिया से मजदूर साथियों को दूर खदेड़ने लगा। मृतक मजदूर रामधनी यादव के परिजनों के आने और मुआवजा में कम से कम चार से पांच लाख देने की मांग को लेकर सभी प्रदर्शनकारी मजदूर अपार्टमेंट से थोड़ी दूर सड़क किनारे जमे रहे। देर शाम तक वहां मजदूरों का जमावड़ा लगा रहा, लेकिन कोई थाना पुलिस उनकी जायज मांगों को सुनने के लिए मौजूद नहीं दिखाई दिया। मजदूरों ने बताया कि लखीसराय से जब मृतक के परिजन आएंगे तो वे लोग मुआवजा तय करेंगे।
बिल्डर से संपर्क नहीं हो पाया
इस संबंध में बिल्डर से संपर्क नहीं हो पाया। वहीं निर्माण कार्य कराने वाले मैनेजर कमलेश ने बताया कि घटना के वक्त वह वहां नहीं था। सूचना मिलने पर अनीसाबाद से वहां पहुंचा तब तक मजदूर के शव को पुलिस लेकर जा चुकी थी। मैनेजर ने बताया कि विश्वकर्मा पूजा को लेकर निर्माण कर बंद था। ऐसे में मजदूर कैसे आकर निर्माण कार्य कर रहे थे, उन्हें नही मालूम।
थानाध्यक्ष बोले- जांच हो रही
इधर, गोपालपुर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन ने बताया कि रुक्मिणी बिल्डटेक द्वारा एकतापुरम में अपार्टमेंट बनवाया जा रहा है, जहां एक मजदूर काफी ऊंचाई से गिर गया, जिसे तत्काल हर्ष हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अनुसंधान में पता चलेगा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का अनुपालन हो रहा था या नहीं। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

