January 26, 2026

RJD ने दिया सुशील मोदी को चुनौती : हिम्मत है तो शपथ के साथ बयान जारी करें, हंसी का पात्र बनने से बचें

पटना। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो लालू-राबड़ी शासनकाल के बारे में वे शपथ के साथ बयान जारी करें। अन्यथा झूठी बयानबाजी कर हंसी का पात्र बनने से बचें। क्योंकि सबकुछ आन रेकॉर्ड्स उपलब्ध है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बदत्तर स्थिति के लिए सबसे अधिक सुशील मोदी हीं जिम्मेदार हैं। बिहार में एनडीए सरकार में 2005 से अब तक लगातार भाजपा के पास हीं स्वास्थ्य विभाग रहा है, पर विरासत में मिली बेहतर ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था को एनडीए सरकार सही ढंग से रख-रखाव भी नहीं कर सकी। योजना आयोग द्वारा 2005 में जारी स्वास्थ्य विभाग के इंडैक्स में ग्रामीण चिकित्सा के क्षेत्र में बिहार का स्थान जहां 12वां था, वहीं नीती आयोग के रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 में बिहार 20वें पायदान पर और 2019-20 में 21वें यानी सबसे निचले पायदान पर चला गया है। हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद इसके लिए कौन जिम्मेदार है ?
राजद प्रवक्ता ने कहा कि सुशील मोदी स्वास्थ्य विभाग के लिए बजटीय आवंटन को एनडीए सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं, पर ये नहीं बता रहे हैं कि आवंटित राशि में कितनी राशि खर्च हुयी और किस मद में कितनी राशि खर्च की गई।
राजद प्रवक्ता ने आगे कहा कि सच्चाई यह है कि 2005-2008 और बीच के एक-दो वर्षों के अंतराल को छोड़कर कभी भी एनडीए की सरकार स्वास्थ्य विभाग के लिए आवंटित राशि का 60% से अधिक खर्च हीं नहीं कर पायी। जो राशि खर्च भी हुई है, उसका अधिकांश हिस्सा भ्रष्टाचार और घोटाले की भेंट चढ़ चुका हैं।
राजद नेता ने सुशील मोदी को बधाई देते हुए कहा कि राजद शासनकाल के बारे में बराबर झूठा दुष्प्रचार करने वाले मोदी जी कम से कम इतना तो स्वीकार कर रहे हैं कि लालू के मुख्यमंत्रीत्व काल में राज्य में बड़े पैमाने पर रेफरल अस्पतालों के साथ हीं ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों का निर्माण कराया गया था। मोदी का आरोप है कि राबड़ी देवी के मुख्यमंत्रित्व काल में अस्पतालों के रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया गया, तो 16 वर्षों से सरकार चलाने वाले क्यों नहीं उसके रख-रखाव पर ध्यान दिया? इन अस्पतालों के रख-रखाव पर खर्च किए गए हजारों करोड़ रुपये कहां गये?

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