यास तूफान को लेकर अलर्ट मोड पर बिहार सरकार, आपदा विभाग ने की ये तैयारी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया ये निर्देश
पटना । यास तूफान को देखते हुए आपदा विभाग ने एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों को तैयार किया है। तूफान के दौरान जिलों में राहत बचाव के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की 22 टीमों को तैयार किया गया है। जहां पर तूफान का असर सबसे अधिक होगा वहां इन टीमों को तत्काल भेजा जाएगा। बुधवार को टारगेट प्वाइंट व ज्यादा प्रभावित होने वाले जिलों का नाम मौसम विज्ञान केंद्र आपदा प्रबंधन विभाग को देगा। इसके बाद विभाग टीमों को उक्त लोकेशन में भेज देगी, ताकि राहत बचाव कार्य में कोई परेशानी न हो।

प्रदेश भर में एसडीआरएफ की 18 टीमें हैं, जिसमें से 11 टीमें पटना के गायघाट, गया, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, मधुबनी, सहरसा पूर्णिया, भागलपुर, बेतिया, मधेपुरा, खगड़िया में हैं। बाकी सात टीमें पटना में हैं। एक टीम में 45 लोग होते हैं, जो आपदा के दौरान लोगों को बचाने में पूरी तरह से ट्रेंड होते हैं।
एनडीआरएफ जिला प्रशासन से जरूरत पड़ने पर होम गार्ड को भी आपदा के समय लेते हैं, ताकि टीम को बढ़ाया और घटाया जा सके। एनडीआरएफ की दो टीम पटना के दीदारगंज व बिहटा में दो टीमें हैं। वहीं पांच टीम बंगाल, पांच झारखंड और दो ओडिशा में हैं। साथ ही अन्य टीमें भी तूफान के आसपास के इलाकों में हैं। इसकी एक टीम में 35 लोग होते हैं, जो किसी भी आपदा से लड़ने में ट्रेंड होते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी संबंधित विभागों के आलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि संभावित चक्रवाती तूफान यास से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट रहें। सारी तैयारी पूर्ण रखें। उन्होंने कहा कि सूचना के अनुसार पूरे बिहार में इस तूफान का प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आपदा प्रबंधन व संबंधित विभागों और सभी डीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से तूफान को लेकर की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की और कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग एवं अधिकारी लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाये रखें और उसके अनुसार जरूरी तैयारी रखें।
एसडीआरएफ के कमांडेंट केके झा ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग से निर्देश मिलते ही जवानों को जिलों में भेज दिया जाएगा। राहत बचाव कार्य में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।
एनडीआरएफ के कमांडेंट विजय सिंह ने बताया कि हमारी टीम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में गई है। बिहार में चार टीम तैयार हैं, आपदा के निर्देश पर जवानों को संबंधित जिलों में भेज दिया जाएगा।

