CM नीतीश ने की समीक्षा बैठक, बोले- कोई मजदूर काम से वंचित न रहे, सामुदायिक किचन सुचारु रुप से चले
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं लॉकडाउन के दौरान चलाए जा रहे सामुदायिक किचन के संबंध में वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई।
श्रमिकों का पारिश्रमिक ससमय मिले
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। लॉकडाउन के दौरान इच्छुक सभी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए तत्परता से काम करें। सबको रोजगार मिले यह सुनिश्चित करना है, कोई मजदूर काम से वंचित न रहे। पिछली बार भी लॉकडाउन के दौरान बाहर से आए हुए लोगों के साथ-साथ यहां के भी इच्छुक लोगों के लिए मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजित किए गए थे। इस बार भी मनरेगा के माध्यम से लोगों को काम का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में गरीब लोगों को काम मिले, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्य करने वाले श्रमिकों का पारिश्रमिक ससमय मिलना सुनिश्चित कराएं।
अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दें
सीएम नीतीश ने कहा कि सात निश्चय पार्ट-2 के तहत चलायी गई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के साथ-साथ अन्य कई सरकारी योजनाआें के तहत निर्माण कार्य भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कार्य स्थलों पर कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का ठीक से पालन कराएं। लोगों को कोरोना के प्रति सचेत रखें। उन्होंने कहा कि लोग आपस में दूरी बनाकर कार्य करें तथा मास्क का प्रयोग जरुर करें।


सामुदायिक किचन सुचारु रुप से चले
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में गरीब, निर्धन एवं असहायों के लिए सामुदायिक किचन का सुचारु रुप से संचालन कराएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इन केंद्रों पर भी कोविड नियमों का पालन करायी जाए। माइकिंग के द्वारा गांव-गांव तक रोजगार की उपलब्धता को लेकर लोगों को जानकारी दें। साथ ही कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को सतर्क और सजग करने के लिए निरंतर अभियान चलाते रहें।
रोजगार सृजन को ले जानकारी दी
इसके पहले ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन से संबंधित कार्य योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। वहीं नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने भी शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन को लेकर किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी। जबकि सभी जिलों के उप-विकास आयुक्त वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे, जिसमें औरंगाबाद एवं किशनगंज के उप-विकास आयुक्त ने अपने-अपने जिलों में रोजगार सृजन के लिए किए जा रहे कार्यों एवं सामुदायिक किचन के संबंध में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
ये हुए शामिल
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार एवं चंचल कुमार उपस्थित थे, जबकि वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव वित्त एस. सिद्धार्थ, स्वास्थ्य विभाग सह आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत सहित अन्य वरीय पदाधिकारी जुड़े हुए थे।

