January 27, 2026

उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ चैती छठ संपन्न, व्रतियों ने किया पारण

पटना। कोरोना महामारी के बीच चैती छठ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला उपवास संपन्न कर विधि पूर्वक पारण की। कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में भयावह की स्थिति बनी हुई है, कम संसाधनों में ही व्रतियों ने इस अनुष्ठान को पूरा किया। गंगा घाट, नदी, तालाब, पोखर आदि पर जाना वर्जित था, इसलिए उन्होंने अपने घर के छत या बालकोनी में भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर इस महामारी से हम सब को जल्द निजात दिलाने की कामना किये। ज्योतिष आचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने से आयु यश और बल की प्राप्ति होती है। बुद्धि प्रखर, मुख मंडल पर तेज, वैभव तथा पराक्रम मिलता है। कई व्रतियों ने स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति के लिए भगवान सूर्य को दूध से अर्घ्य दी। उदीयमान सूर्य की पहली किरण को सूरज की पत्नी उषा कहा जाता है, वहीं अस्ताचगामी सूर्य की अंतिम किरण को सूर्य की दूसरी पत्नी प्रत्यूषा कहा गया है।

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