January 26, 2026

RJD का हमला : लोकतंत्र के इतिहास में 23 मार्च काला दिन के रूप में रखा जायेगा याद, आपातकाल से भी ज्यादा कुकृत्य एवं भयाक्रांत था

पटना। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दिकी, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी एवं राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक के द्वारा पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन आयोजित की गई।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए जगदानंद सिंह ने कहा कि बीते मंगलवार को जिस प्रकार डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती के दिन नीतीश कुमार के इशारे पर सड़क से लेकर सदन तक पुलिसिया तांडव की कार्रवाई की गई, विधान सभा के अंदर जिस प्रकार विधायकों को लात घूसे से पीटा गया, महिला विधायकों का बाल घसीटकर सदन से बाहर किया गया, वह द्रौपदी की चिरहरण की घटना को साक्षात देखने को मिल रहा था, जो बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं नीतीश कुमार के लिए भी कलंकित दिन रहा। इस दिन को लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन के रूप में याद रखा जायेगा।
उन्होंने कहा कि विधानसभा के घेराव के दौरान बिहार पुलिस के द्वारा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एवं राजद कार्यकर्ताओं को लक्ष्य कर नुकीली पत्थरों का प्रयोग किया जा रहा था, उससे लग रहा था कि सत्तारूढ़ दल के लोग तेजस्वी यादव को निशाना बनाना चाह रहे थे। राजद इस घटना के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दोषी मानती है।
वहीं अब्दुलबारी सिद्दिकी ने कहा कि कल की घटना तो आपातकाल में घटित घटना से भी ज्यादा कुकृत्य एवं भयाक्रांत था। आपातकाल के दौरान भी लोकलाज थी। परन्तु आज वो लोकलाज कहीं नजर नहीं आ रही थी। श्री सिद्दिकी ने यहां तक कहा कि कल जिस प्रकार सदन में पुलिसिया तांडव की गई, उससे लगता है कि अच्छा हुआ कि मैं इस सदन के सदस्य के रूप में नहीं हूं।
वहीं विधानसभा पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेवारी विधानसभा अध्यक्ष की होती है अगर अध्यक्ष ने नियमानुसार एवं धैर्यपूर्वक काम किये होते और विधानसभा अध्यक्ष के दायित्वों को ठीक से निर्वहन किये होते तो कल की घटना जो हुई, उसे देखना नहीं पड़ता।
श्याम रजक ने कहा कि जिस प्रकार राजद कार्यकर्ताओं को पीटा गया एवं विधानसभा में विधायकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। आने वाले दिनों में बिहार की जनता नीतीश कुमार को माफ करने वाली नहीं है।
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, मो. कारी सोहैब, मदन शर्मा, भाई अरूण कुमार, निर्भय अम्बेदकर, चन्देश्वर प्रसाद सिंह एवं जेम्स कुमार यादव उपस्थित थे।

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