February 16, 2026

जाको राखे साइया, मार सके ना कोई : महिला 11 घंटे बाद गंगा की पानी से निकली सही सलामत

फतुहा। जाको राखे साइया, मार सके न कोय, यह कहावत उस समय चरितार्थ हुई जब कंपकंपी ठिठुरन में बर्फ के समान हुई गंगा के पानी में एक महिला दस से ग्यारह घंटे बाद भी जीवित निकली। यह वाक्या वैशाली जिले के राघोपुर की है जंहा की एक महिला को दस से ग्यारह घंटे बाद गंगा की पानी से निकाला गया। हालांकि यह घटना कब की है, स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन बताया जाता है कि यह घटना मंगलवार की सुबह की है, जब उसे गंगा से मछुआरे की एक दल ने बाहर निकाला है। महिला राघोपुर की अनीता देवी है। बताया जाता है कि अनीता देवी ऑटो से देर शाम पीपा पुल होते हुए अपने घर राघोपुर जा रही थी। लेकिन ऑटो में चक्कर आने पर वह ऑटो से उतर गई और पीपा पुल पर ही किनारे में बैठ गयी। इसी दरम्यान वह असंतुलित होकर गंगा में गिर गई। वह रात भर गंगा में इस सर्द मौसम मे भी अपनी जान बचाने के लिए तैरती रही लेकिन अंधेरा होने के कारण उसे किनारा नही मिला। गंगा में वह करीब दस किलोमीटर दुर तक तैरती रही। अहले सुबह होने पर जब कुछ मछुआरे गंगा में मछली पकड़ने के लिए नौका से उतरे तो उन्हें गंगा के बर्फीली पानी में महिला का शव तैरता दिखाई दिया। लेकिन मछुआरे ने जब उसे गंगा से बाहर निकालकर अपने नाव पर लाया तो वह जीवित निकली। मछुआरे ने तत्काल नाव को किनारे लाकर अलाव की गर्मी दी तथा महिला के हालत स्थिर होने पर उसके बताए गए घर के पता पर परिजनो को सूचना दे दी। इस घटना को मछुआरे के ही एक सदस्य ने गंगा मे तैरते उस महिला को अपने मोबाइल में कैद किया था।

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