चुनाव के ठीक पहले भाजपा को झटका, कांग्रेस का हमला : नीतीश सरकार ने बिहार को SEZ बनाने की बजाय SCZ में किया तब्दील
पटना। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज एनडीए सरकार पर बड़ा हमला बोला है। वहीं पहले चरण के चुनाव के ठीक एक दिन पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। वीणा शाही ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस के साथ हो गई है। बता दें वीणा शाही स्व. ललितेश्वर प्रसाद शाही की बहू हैं और वह 5 बार चुनाव लड़ चुकी हैं, जिसमें 2 बार जीत भी चुकी हैं। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि वीणा शाही के कांग्रेस में आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। वहीं वीणा शाही की बेटी विदिशा शाही पहले से कांग्रेस में हैं। बुधवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बिहार में दो चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। जिसमें एक बाल्मीकि नगर और दूसरा कुशेश्वर स्थान शामिल है।
पटना के एक होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बिहार की एनडीए सरकार को आड़े हाथों लेते हुए बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले जहां कांग्रेस ने नीतीश कुमार को फिसड्डी बाबू की उपमा से अलंकृत किया था। वहीं एनसीआरबी के जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके बाद कांग्रेस ने उन्हें अपराध कुमार की नई उपमा दिया है, जबकि सुशील मोदी को दुषशील मोदी की उपमा दी है। सुरजेवाला ने एनसीआरबी के 2006 से 2019 तक के नीतीश राज के आंकड़े को मीडिया के समक्ष रखते हुए कहा कि नीतीश सरकार के बिहार की सत्ता में आने के बाद राज्य में अपराध में 150% की वृद्धि हो हुई है। जहां 2005 में कुल अपराध 107664 प्रति वर्ष होते थे, अब वह बढ़कर 2019 में 269109 वर्ष हो गए हैं। उन्होंने बताया कि बिहार में हर रोज 737 अपराध हो रहे हैं। जिसमें 9 हत्याएं, 29 अपहरण, 123 जघन्य अपराध, 51 महिला अपराध, 25 महिलाओं के अपहरण, दो बलात्कार, 17 बच्चों के अपहरण शामिल हैं। इस तरह देखा जाए तो नीतीश सरकार के आने के बाद बच्चों के अपहरण में 8697 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि महिलाओं के अपहरण में 733%, हत्या के प्रयास में 140% तो जघन्य अपराध में 87 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि हत्या के मामले में बिहार यूपी के बाद देश में दूसरे नंबर पर है। नीतीश- भाजपा सरकार के 14 सालों के शासन में 44,271 लोगों की बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या का प्रयासों में भी बिहार देश में दूसरे नंबर पर है। नीतीश कुमार के सत्ता संभालने के बाद हत्या का प्रयासों में 140% की वृद्धि हो गई। कुल 70,092 लोगों के साथ अपराध घटित हुए। यही नहीं नीतीश सरकार ने बिहार में अराजकता की सारी हदें पार करते हुए राज्य के कोने-कोने को दंगों से भर दिया। 14 वर्षों के नीतीश सरकार में 1,45,494 दंगे हुए अर्थात दंगों में 40% की वृद्धि हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि बिहार में नीतीश सरकार के आने के बाद जघन्य अपराधों में 87% की वृद्धि हुई है। 14 सालों के सुशासन के दौरान बिहार में 4,60,907 जघन्य अपराध दर्ज किए गए हैं। सुरजेवाला ने नीतीश सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि बीते 14 वर्षों में महिला अपराध में 175% की वृद्धि हुई है, कुल 1,68,198 महिला अपराध दर्ज किये गये हैं। इसमें भी अधिक शर्मनाक की बात यह है कि नीतीश सरकार इस हद तक अपराधियों के साथ खड़ी हो गई कि महिला अपराध में सजा की दर बिहार में मात्र 16% है। आज बिहार में 84,958 महिला अपराध के प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं और लंबित रहने की दर 96.1% है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में नौनिहाल भी असुरक्षित हैं। बच्चों पर होने वाले अपराध नीतीश-भाजपा सरकार के बाद आश्चर्यजनक रूप से 8,004 प्रतिशत बढ़ गये। नीतीश सरकार में कुल 41,223 मासूम बच्चों के साथ अपराध हुए। इससे ज्यादा डरावना और भयावह कुछ नहीं हो सकता है। बच्चों के अपहरण में नीतीश सरकार के आने के बाद 8,697 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, कुल 29,309 बच्चों का अपहरण किया गया। एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि पूरे देश में बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा बच्चों का इस्तेमाल पोर्नोग्राफी के लिए किया जाता है। बिहार में प्रतिवर्ष 10,772 अपहरण होते हैं, जिसमें 6,334 अपहरण नाबालिग बच्चों के होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि दलित व महादलित परिवारों के प्रति अपराधों को अगर पिछले 3 सालों का मूल्यांकन करें तो पूरे देश में दलित उत्पीड़न में यूपी के बाद बिहार दूसरे नंबर पर आता है। पिछले 3 सालों में ही बिहार में दलित उत्पीड़न के 20,352 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से 90 फ़ीसदी को न्याय नहीं मिला।
सुरजेवाला ने कहा कि नीतीश सरकार ने बिहार को स्पेशल इकोनामिक जोन बनाने की बजाय स्पेशल क्राइम जोन में तब्दील कर दिया है।


