फिल्म ‘प्रतिघात’ बाहुबली काली पांडे पर थी आधारित, लोजपा का दामन छोड़ लिया हाथ का साथ
पटना। रामविलास पासवान के निधन होने के साथ ही उनके सबसे करीबी नेता व उत्तर बिहार के बाहुबली काली पांडे ने लोजपा का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। अब काली पांडे कुचायकोट से कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। वे रामविलास पासवान के खास लोगों में गिने जाते थे। बताया जाता है कि काली पांडे चिराग पासवान के बिहार में 143 सीटों पर चुनाव लड़ने के निर्णय से नाराज थे।
बताते चलें कि 1987 में आई रामोजी राव की फिल्म ‘प्रतिघात’ काली पांडे पर ही आधारित थी। नेताओं और अपराधियों की सांठगांठ पर आधारित इस फिल्म में काली प्रसाद का रोल चरण राज ने किया था। कुचायकोट गोपालगंज लोकसभा क्षेत्र में आता है और काली पांडे गोपालगंज से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। काली पांडे के दबदबे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में आज जितने भी बाहुबली नजर आते हैं, उनके उदय से पहले काली पांडे ही उत्तर बिहार के सबसे बड़े बाहुबली माने जाते थे।
बाहुबली काली पांडे पर 1989 में अपने ही प्रतिद्वंद्वी नगीना राय पर बम से हमला करने का आरोप लगा था। काली पांडे ने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत निर्दलीय के रूप में की थी। उन्होंने 1984 में गोपालगंज से लोकसभा का चुनाव लड़ा था और निर्दलीय चुनाव जीत गए थे। 2003 में काली पांडे रामविलास पासवान के लोजपा में शामिल हुए थे। तब से लेकर अब तक वो लोजपा के लिए काम करते रहे हैं। वहीं काली पांडे के बड़े भाई सतीश पांडे पर भी ट्रिपल मर्डर का केस चल रहा है। कुछ दिनों पहले वे जेल में थे, अभी जमानत पर रिहा हैं।


