‘किसानों की बात, कृषि मंत्री के साथ’ में बोले डॉ. प्रेम, कांग्रेस ने 70 वर्षों से किसानों का ठगने का किया काम
फुलवारी शरीफ। बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पटना के मिह्हापुर में बनने वाले किसान भवन राज्य भर के किसानों के लिए वरदान साबित होगा। इसकी लागत 4 करोड़ 25 लाख है, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से राजधानी आने वाले किसानों के ठहरने की भी व्यवस्था रहेगी। गुरुवार को पटना के बामेती में कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने इस भवन का शिलान्यास करने के बाद बामेति परिसर में एक वीडियो कांफ्रेंसिंग कार्यक्रम में शामिल होकर एक लाख किसानो से सीधे जुड़े।
कार्यक्रम में डॉ. प्रेम ने कहा कि देश में राज्य के किसी भी राजधानी में किसानों के लिए यह पहला गेस्ट हाऊस होगा। वही पत्रकारों से बातचीत में कृषि मंत्री कांग्रेस पर किसान बिल को लेकर जमकर बरसे। कहा कि कांग्रेस ने 70 वर्षों से किसानों का ठगने का काम किया। जब हम किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए बिल लाएं हैं तो कांग्रेस और विपक्ष के लोग विरोध कर रहे हैं। हम एमएसपी को समाप्त नहीं करने जा रहे हैं, वह है और रहेगा। किसानों के लिए लाया गया बिल क्रांतिकारी बिल है। इससे किसानों को अपने फसल को बेचने की पूरी आजादी होगी।
वहीं कृषि मंत्री डॉ. प्रेम द्वारा किसानों की बात, कृषि मंत्री के साथ कार्यक्रम के माध्यम से बिहार के लगभग 01 लाख किसानों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधी बात की गई। इस कार्यक्रम में वेबलिंग, राज्य के सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों में जूम, आत्मा के पदाधिकारी/किसान गुगल मिट से जुड़े। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग से कृषि विभाग के फेसबुक लाईव, ट्विटर, तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के यूट्यूब पर तथा मंत्री के फेसबुक एवं ट्विटर पर किया गया। इसके अतिरिक्त दो सामुदायिक स्टेशन अगवानपुर (बाढ़) तथा सबौर से इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों द्वारा अपनी समस्याओं तथा उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में अपनी जानकारी साझा किया गया। इस दौरान मंत्री ने बारी-बारी से कृषि के साथ-साथ आधुनिक फसल ड्रैगन फूड, स्ट्राबेरी, मशरूम आदि की खेती करने वाले किसानों से बात की तथा उनके अनुभवों एवं सुझावों को सुना तथा किसानों की समस्याओं के त्वरित निदान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निदेश दिया। डॉ. प्रेम ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अभी तक 75 लाख 72 हजार 620 किसानों के खाते में 5852 करोड़ से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। किसान मानधन योजना के तहत पेंशन का लाभ उठायें।
उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां कृषि के टिकाऊ विकास के लिए तीन-तीन कृषि रोड मैप बनाया गया है। बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा, बीजों की आॅनलाईन व्यवस्था, बीजों की होम डिलीवरी का गृह मंत्रालय द्वारा सराहना की गई है। दक्षिण बिहार के सूखाग्रस्त जिलों में भूमि संरक्षण की योजनाओं से सिंचाई स्रोत का सृजन किया जा रहा है। अन्न भंडारण हेतु 200 मे. टन के गोदाम निर्माण पर अनुदान दिया जा रहा है।

कृषि मंत्री ने कई किसानों के सवालों का दिया जवाब
कृषि विज्ञान केन्द्र, जहानाबाद से जुड़े किसान प्रमोद कुमार ने बताया कि उनके बायोफ्लोक विधि से मछलीपालन के साथ-साथ मशरूम उत्पादन का कार्य किया जाता है। उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया कि रबी मौसम हप्पी सीडर के माध्यम से गेहूं की बुआई करना चाहते हैं, लेकिन हैप्पी सीडर चलाने के लिए 50 एचपी ट्रैक्टर की आवश्यकता होगी। इसलिए सरकार योजना में 50 एचपी ट्रैक्टर की व्यवस्था करने की व्यवस्था करें। मंत्री कृषि ने कहा कि जहानाबाद में कस्टम हायरिंग सेंटर से इसकी व्यवस्था कराई जायेगी और इसके लिए कृषि विज्ञान केन्द्र समन्वय करें।
इस अवसर पर कृषि विभाग के विशेष सचिव बिजय कुमार, बीएयू के निदेशक, प्रसार शिक्षा डॉ. आरके सुहाने, सह निदेशक, प्रसार शिक्षा डॉ. आरएन सिंह, संयुक्त निदेशक (रसायन), कम्पोस्ट एवं बायोगैस बैंकटेश नारायण सिंह, निदेशक, बामेती डॉ. जितेन्द्र प्रसाद सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में राज्य के किसानगण उपस्थित थे।

