January 27, 2026

राजद ने कांग्रेस के कंधे पर बंदूक रख चल दिया दांव, गुपचुप तरीके से चुनाव की तैयारी में जुटा

पटना। बिहार में विपक्षी दलों को मिलकर बना महागठबंधन अभी तक ऊहापोह की स्थिति में हैं, जबकि बिहार में विधानसभा चुनाव होने में अब कुछ ही महीने शेष रह गए हैं, ऐसे में सीटों का बंटवारा अब तक नहीं होने से महागठबंधन में शामिल पार्टियां असमंजस में है कि आखिर कब सीटों को बंटवारा होगा और कब वे चुनाव की तैयारी में दम खम से जुटेंगे। वहीं दूसरी ओर राजद सूत्रों ने बताया कि महागठबंधन में शामिल राजद ने गुपचुप तरीके से चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। राजद वर्चुअल रैली का अपने प्रसार को माध्यम नहीं बनाना चाहता है। इसकी जगह वह ह्वाट्सएप का सहारा ले रही है। इधर, सहयोगी दलों से उसकी कोई बात नहीं होने से सहयोगी दल हैरान-परेशान हैं। यहीं नहीं समन्वय समिति की बात करने वाले अब चंद सीटों के लिए परेशान नजर आने लगे हैं।
राजद सूत्रों की बात पर यकीन करें तो राजद बिना सीटों के बंटवारे किए अपने लिए लगभग 150 सीटें तय कर चुनाव की तैयारी में जोरशोर से जुट गया है। सीटों के बंटवारे के लफड़े में पड़कर वह सहयोगी दलों की नाराजगी झेलने के मूड में नहीं है, लिहाजा राजद शेष बची सीटों को कांग्रेस के खाते में डाल देना चाहती है ताकि कांग्रेस जिसको जितनी सीटें देना चाहती है दे दे। इससे यही कहा जा सकता है कि राजद एक तीर से दो निशान साधना चाहती है।
गौरतलब है कि हम और रालोसपा जैसे सहयोगी दलों ने कांग्रेस के रास्ते राजद पर दबाव बनाने की रणनीति अपना ली थी। हम सीटों के बंटवारे के लिए समन्वय कमिटी बनाने की मांग पर अड़ी हुई थी और पिछले दिनों कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने भी मीडिया में बयान दिया था कि समन्यवय समिति महागठबंधन में सीटों का बंटावारा करेगी। लेकिन जो खबर अब सामने आ रही है उससे महागठबंधन के सहयोगी दल परेशान दिखने लगे हैं। राजद ने कांग्रेस के कंधे पर बंदूक रखकर दांव चल दिया है। चुनाव आयोग को राजद भले लोगों की नजर में सुझाव टालने की सलाह दे और खुद को लोगों की हितैषी साबित करने की बात करें, लेकिन राजद चुनाव की तैयारी पूरी कर चुका है। उसे इस बात का अंदाजा हो गया है कि चुनाव समय पर ही होंगे।
राजद सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास दस सर्कुलर रोड पर राजद का छोटा वार रूम लोकसभा चुनाव के समय से ही कार्यरत है। पार्टी ने बूथ स्तर तक ह्वाट्सएप ग्रुप बना लिया है। बड़े बूथों के ग्रुप में 35 और छोटे बूथों पर 13 से 20 लोग जुड़े हैं। एक मैसेज दस सर्कुलर रोड से निकलता है और जिलों के माध्यम से होते हुए बूथ लेबल तक पहुंच रहा है। ऐसे भी राजद ने सबसे अधिक बूथ लेबल एजेन्ट बनाये हैं यह चुनाव आयोग भी स्वीकार कर चुका है। खबर यह भी है कि पार्टी ने एजेंसी के माध्यम से सर्वे भी करा लिया है। दूसरी राजनीतिक दलों की रणनीति का पता लगाने के लिए उसने अलग से एजेंसी हायर की है। एजेंसी ने संभावित उम्मीदवारों का सर्वे कर सूची पार्टी को सौंप दी है।

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