भागलपुर : NH-80 की बदहाली और महाजाम को लेकर लोग आर-पार की लड़ाई के मूड में
सड़क नहीं तो वोट नहीं के लिए हो चुके हैं संकल्पित

भागलपुर (गौतम सुमन गर्जना)। मिर्जाचौकी से लेकर भागलपुर तक एनएच-80 की बदहाली और प्रतिदिन लगने वाले महाजाम से यहां की स्थानीय जनता पूरी तरह से त्रस्त और आक्रोशित हैं।
गौरतलब हो कि आजादी के 73 वर्षों के बाद भी यहां की जनता अपनी आंखों से नेशनल हाईवे नहीं देख पाए हैं। एनएच-80 की स्थिति ऐसी है कि कहलगांव से भागलपुर 30 किमी की दूरी तय करने में कई घंटे लग जाते हैं, यदि कोई जरूरी काम से बीमार आदमी डॉक्टर के यहां दिखाने जा रहा हो तो मरीज लंबे महाजाम से कारण रास्ते मे ही दम तोड़ देते हैं। इसके बावजूद यहां के नेता व जनप्रतिनिधि इस समस्या के निदान के लिए कभी खुलकर सामने नहीं आते। हां, चुनाव नजदीक आते देख दबी जुबान से नेता व जनप्रतिनिधि कुछ बोल जरुर जाते हैं। जबकि बिहार व केंद्र में अभी एनडीए की सरकार है, इसके बावजूद भी सत्ताधारी दल के नेता एनएच-80 को सही कराने में दिलचस्पी नहीं लेते हैं। दूसरी ओर विपक्ष के नेता भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से सड़क या सदन में नहीं उठा पाते हैं। वहीं पुलिस प्रशासन के लाख कोशिशों के बावजूद भी एनएच-80 पर ओवरलोड हाइवा व ट्रकों के परिचालन पर रोक नहीं लग पाता है, जिससे सड़क बनने के बाद ही तुरंत जर्जर हो जाता है।
वहीं ओवर लोडेड हाइवा व ट्रकों को नहीं रोक पाने के पीछे का कारण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ पुलिस पदाधिकारियों के मिलीभगत से इंट्री-वसूली व डीटीओ पासिंग का खेल है, जो वर्षों से चल रहा है। इस समस्याओं से निजात दिलाने व ओवरलोडेड वाहनों पर रोक लगाने के लिए बीते दिनों भागलपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने एनएच के कार्यपालक अभियंता से बाइपास स्थित टोल प्लाजा के पास धर्मकांटा लगाने की रिपोर्ट मांगी थी। डीएम प्रणव कुमार ने कहा कि बायपास से कई ओवरलोडेड वाहन चल रहे हैं। बाइपास में धर्मकांटा न होने से नियमित ओवरलोडिंग की जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने बीते दिनों पत्र जारी कर कहा था कि पहले भी पीरपैंती-मिर्जाचौकी में धर्मकांटा लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कार्यपालक अभियंता ने इस पर कोई भी सूचना नहीं दी थी। डीएम ने कार्यपालक अभियंता से कहा है कि वे बाइपास स्थित टोल प्लाजा के पास धर्मकांटा लगाने की कार्रवाई करें और संबंधित रिपोर्ट जल्द सौंपे।
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कई संगठनों ने सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाकर इसकी सेहत सुधारने के लिए कई बार अपनी आवाज को बुलंद किया है और अब इस वैश्विक महामारी में हस्ताक्षर अभियान चलाकर सरकार के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया है और उनलोगों ने साफ तौर पर कह दिया है कि अब नेताओं व जन प्रतिनिधियों का खुशामद नहीं, बल्कि इस कीचड़मय सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

