खबरें फतुहा की : जालसाजों ने खाते से उड़ाए रुपये, भाइयों ने पीटा, मृतक के आश्रित को मिला चेक
जालसाजों ने खाते से उड़ाए 1.25 लाख रुपये,
फतुहा। मंगलवार को जालसाजों द्वारा एक खाताधारक के खाते से एक लाख 85 हजार रुपए उड़ा लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जालसाजों के द्वारा एटीएम क्लोन कर इस घटना को अंजाम दिया गया है। इस संदर्भ में पीड़ित खाताधारक नयका रोड मकसुदपुर निवासी स्वीटी कुमारी को जैसे ही पता चला, उसने थाने में अज्ञात जालसाजों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई है।
बताया जाता है कि उसका खाता स्थानीय बैंक में है लेकिन जालसाजों ने एटीएम क्लोन कर नोएडा के एक एटीएम से पैसे अन्यत्र ट्रांसफर कर लिए हैं। हालांकि इस पैसे को जालसाजों द्वारा कई शिफ्ट में ट्रांसफर किए गए हैं लेकिन खाताधारक को इस बात की जानकारी तब हुई जब उसने मोबाइल के मैसेज बॉक्स को चेक किया। पुलिस के अनुसार इस मामले को साइबर क्राइम ब्रांच को भेजा जा रहा है।

मठ के चालक ने घड़ी व लॉकेट छीने जाने का लगाया आरोप
फतुहा। मंगलवार को शाम रुकुनपुर में कबीर मठ के चालक ने गांव के ही असमाजिक तत्व के लोगों के खिलाफ मारपीट कर घड़ी व लॉकेट छीने जाने का आरोप लगाया है। इस संदर्भ में उसने थाने में नामजद शिकायत दर्ज करायी है। बताया जाता है कि चालक कमलेश कुमार मठ के काम से रुकुनपुर गया था, जहां असमाजिक तत्व के लोगों ने उसके साथ मारपीट की। शिकायत के आलोक में पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है।
शौचालय बनाने के लिए पैसे नहीं दिए तो भाइयों ने पीटा
फतुहा। मंगलवार सुबह थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर गांव में दो भाइयों ने शौचालय बनाने के लिए पैसे नहीं दिए जाने पर बड़े भाई की पिटाई कर दी। पीड़ित जय कुमार अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचकर दोनों आरोपी भाइयों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है। पीड़ित की माने तो शौचालय बनाने के लिए सरकार से मिले पैसे आरोपी भाइयों ने खर्च कर दिए। अब शौचालय निर्माण के लिए जबरन उससे पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायत के आलोक में पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है।
अंचलाधिकारी ने दिया मृतक के आश्रित को चेक

फतुहा। मंगलवार को अंचल परिसर में सीओ अनीता भारती के द्वारा मृतक के आश्रित पिता नोहटा निवासी कृष्णा सिंह को आपदा अनुदान के तहत चार लाख रुपये का चेक दिया गया। विदित हो कि मृतक चंद्रशेखर कुमार की वर्ष 2018 में धनरुआ के निकट सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस मौके पर अंचल नाजिर उमाशंकर प्रसाद भी मौजूद थे।

