January 24, 2026

बाढ़ : नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय यहां तोड़ रही दम

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के प्रति ग्रामीणों में गहरा आक्रोश


बाढ़ (कमोद कुमार)। इस गांव की व्यथा सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। एक तरफ नीतीश सरकार दावा करती है कि बिहार के हर गांव में विकास की किरण पहुंची है लेकिन जब यह तस्वीर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देखेंगे तो वह भी समझ जाएंगे कि उनके दावों में कितनी सच्चाई है। जी हां, यह तस्वीर नीतीश सरकार के दावों की कलई खोल कर रख दी है।


राजधानी पटना से लगभग 65 किमी दूर बाढ़ प्रखंड के धनावां मुबारकपुर पंचायत के बुढ़नपुर गांव, जिसकी आबादी लगभग 3000 से ज्यादा है। यह संपन्न गांव है लेकिन यहां विकास की गंगा नहीं बल्कि गंदे नालों का पानी बहता है। इस गांव के विकास के प्रति जनप्रतिनिधि भी उदासीन नजर आते हैं। यहां ना तो पक्के सड़क ही नजर आते हैं और ना ही नाली-गली। नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 7 निश्चय की तो बात ही छोड़ दीजिए, जिससे ग्रामीणों में सरकार के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।


स्थानीय ग्रामीण धनंजय कुमार सिंह, प्रदीप सिंह, शैला देवी, नीरजा देवी आदि कहते हैं कि बरसात के दिनों में घुटना भर पानी और कीचड़ लग जाता है और उसी से होकर आवाजाही करने को विवश होना पड़ता है। इस दौरान कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय मुखिया पर आरोप लगाया कि कुछ माह पूर्व उक्त गांव में र्इंट सोलिंग कराया गया था लेकिन उसे उखाड़ लिया गया। नल-जल के लिए कराए गए गए कार्य 6 महीने से बंद पड़े हैं, उसी वक्त गांव की सड़कों को खोद दिया गया था। जिसके कारण आज स्थिति इतनी दयनीय हो गई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई मर्तबा जनप्रतिनिधियों को सूचित भी किया गया लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। युवाओं में सबसे ज्यादा इल्म इस बात की है कि यहां का विकास देखकर लोग अपनी बिटिया की शादी उक्त गांव में नहीं करना चाहते हैं, जिससे दर्जनों युवक कुंवारे बैठे हुए हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने मुखिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
बहरहाल, विकास की बांट जोह रहा बुढ़नपुर गांव पर सरकार की नजरें कब इनायत होती है, या फिर विकास की डुगडुगी के भरोसे ही ग्रामीण जीवन काटने को मजबूर रहेंगे।

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