अमित शाह के वर्चुअल रैली के खिलाफ राज्यव्यापी विश्वासघात-धिक्कार दिवस मनायेंगे वामदल
पटना। वाम दलों की संयुक्त बैठक बुधवार को जनशक्ति भवन में हुई। जिसमें भाकपा के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह, जब्बार आलम, विजय नारायण मिश्र, भाकपा माले के पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, केडी यादव, माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार, अरूण कुमार मिश्रा एवं फारवर्ड ब्लॉक के अमेरिका महतो आदि ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने की।
दिल्ली में वामदलों की बैठक से लिए गए निर्णय के आलोक में आयोजित इस बैठक से मांग की गई कि इनकम टैैक्स के दायरे से बाहर सभी परिवारों को 7500 रुपये मासिक सहायता छह महीने तक दिए जाएं, सभी व्यक्ति को 10 किलो अनाज की आपूर्ति की जाए, मनरेगा में 200 दिन का काम बढ़ी हुई मजदूरी के साथ दी जाए, सभी प्रवासी मजदूरों के परिवहन, भोजन-पानी का खर्च सरकार उठाए, किसानों के केसीसी सहित तमाम कर्ज की माफी हो तथा तमाम किस्म की फसलों की अनिवार्य खरीद की गारंटी हो।
वाम नेताओं ने बैठक में कहा कि मोदी सरकार ने पूरे देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है और कोरोना को लेकर अपनायी गई अफरा-तफरी की नीति ने देश को अराजकता के माहौल में धकेल दिया है। भारत के मजदूर वर्ग ने जो अकथनीय पीड़ा झेली है, उसे लोग कभी नहीं भूलेंगे और मोदी सरकार को कत्तई माफ नहीं करेंगे। नेताओं ने कहा कि 7 जून को अमित शाह की वर्चुअल रैली जले पर नमक छिड़कने के जैसा है, इसलिए वाम दल इस दिन विश्वासघात-धिक्कार दिवस मनायेंगे और वर्चुअल रैली के प्रतिवाद में फिजिलकल प्रोटेस्ट का आयोजन पूरे राज्य में किया जाएगा और आभासी रैली नहीं बल्कि भोजन, रोजगार और कोरानो से सुरक्षा की गारंटी करो के नारे लगायेंगे।


