लॉक डाउन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा शराब की दुकान खोलने विरोध में राठौर का अनशन चौथे दिन जारी
पटना।लॉक डाउन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा शराब की दुकान खोलने के निर्णय के विरोध में धनवंत सिंह राठौर का अनिश्चित कालीन अनशन आज चौथे दिन भी जारी

पटना।अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनवंत सिंह राठौर द्वारा केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन में शराब की दुकान खोलने के आदेश वापस लेने की मांग को लेकर कंकड़बाग के दक्षिणी चांदमारी रोड में चाँदवती बालाजी अपार्टमेंट स्थित अपने आवास में महाराणा प्रताप की जयंती 09 मई से शुरू किया गया अनिश्चित कालीन अनशन आज चौथे दिन भी जारी रहा।अनशन स्थल पर केंद्र सरकार या राज्य सरकार का कोई भी अधिकारी या प्रतिनिधि आज तक हाल चाल लेने भी नही पहुचा। राठौर ने कहा कि आज पूरा देश करोंना संक्रमण की चपेट में है।अब देश की जनता के समक्ष खाने पीने का संकट खड़ा हो गया है।शराब पीने के लिये लोग कर्जा तो ले ही रहे है,घर के गहना जेवर भी बेच रहे है।शराब को लेकर परिवार में झगड़ा की घटना भी तेजी से बढ़ रही है।शराब दुकानों पर हो रहे भीड़ के कारण करोना संक्रमण के चपेट में भी लोग आ रहे ।कोरोना से होने बाले मौत की अप्रत्याशित बृद्धि हो रही है।संक्रमित मरीजो की संख्या में भी काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है।इसके वाबजूद केंद्र सरकार का इस मामले पर चुप रहना साबित करता है कि केंद्र सरकार करोना को देश में रोकने के बजाय बढ़ाने पर तुली है।उन्होंने कहा कि उनका यह अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र सरकार लॉक डाउन में शराब की दुकान खोलने के आदेश को वापस नही लेती है। शराब दुकानो के कारण जहा सोशल डिस्टेंस की धज्जी उड़ रही है वही करोंना यौद्धाओ खासकर डॉक्टर, नर्स किसी अनहोनी घटना से डरे सहमे है ।अगर केंद्र ने शराब दुकानो को लॉकडौन में बन्द करने का निर्णय नही लिया तो आने बाले दिनों में यह गम्भीर खतरा बन कर उभरेगा।देश की जनता को बचाने के लिये सरकार को बिना देरी किये अपना निर्णय वापस लेना चाहिए।
आज भी बड़ी संख्या में लोग श्री राठौर से मुलाकात करने अनशन स्थल पर आये,लेकिन प्रशासन अथवा डॉक्टर की टीम नही पहुची।अनशन स्थल पर आज आने वालों में पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप ,रतनेश कुमार सिंह,प्रो राजकुमार सिंह,इंद्रजीत प्रसाद, राहुल कुमार,तन्मय राज,अजय सिंह,संजय कुमार सिंह,राहुल सिंह ,मनोज कुमार सिंह ,सतीश कुमार सिन्हा, चन्द्रशेखर प्रसाद आदि प्रमुख थे।

