PATNA : लॉकडाउन में गंगा जल की गुणवत्ता में आया सुधार
पटना। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा कोेरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की स्थिति में गंगा जल की गुणवत्ता की जांच अप्रैल, 2020 में पटना के कुछ स्थलों पर की गयी। अवलोकन में गंगा नदी जल की गुणवत्ता में सुधार दर्ज की गयी है।
नदी जल में पी.एच., घुलनशील आक्सीजन (Dissolved Oxygen) एवं बी.ओ.डी. (Biochemical Oxygen Demand- BOD) नदी जल के लिए निर्धारित मानक के अनुरूप पाया गया है। नहाने योग्य पानी के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार डी.ओ. की मात्रा 05 मिलीग्राम प्रतिलीटर से अधिक एवं बी.ओ.डी. की मात्रा अधिकतम 03 मिलीग्राम प्रतिलीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। लॉकडाउन के पूर्व पिछले तीन वर्षों के अप्रैल महीनों में बी.ओ.डी. की औसत मात्रा 1.8 से 2.5 मिलीग्राम प्रति लीटर पायी गयी। लॉकडाउन के दौरान अप्रैल, 2020 में बी.ओ.डी. की मात्रा 1.6 से 2.0 मिलीग्राम प्रति लीटर पायी गयी है। यह आंकड़ा नदी जल में जैविक पदार्थों की उपस्थिति कम होना दर्शाता है। इसी प्रकार लॉकडाउन के दौरान फीकल कोलिफोर्म की मात्रा पिछले तीन वर्षों के अप्रैल महीनों की मात्रा 2667-7867 से घटकर 1100-6050 पायी गयी है। हालांकि, स्नान योग्य पानी का वांछित मानक एम.पी.एन. (Most Probable Number- MPN) 500 प्रति 100 मिलीलीटर है। इसका मूल कारण लॉकडाउन के दौरान मानवीय क्रियाकलाप एवं प्रदूषित मलजल-सीवेज-ठोस अपशिष्टों के निस्तारण एवं अन्य वैसे क्रियाकलाप जो नदी जल को कुप्रभावित करते हैं, में कमी आना है।


