January 1, 2026

पटना-झाझा रेलखंड पर ट्रेन परिचालन में होगा उल्लेखनीय सुधार, कार्य युद्धस्तर पर जारी

हाजीपुर। रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वी परिमंडल) मो. लतीफ खान ने किऊल पुल से कनेक्टिविटी के साथ किऊल एवं लखीसराय स्टेशन के बीच किमी 420.35 के निकट स्थित पुराने रेल पुल संख्या 13 के बदले नए रेल पुल के ओपेन वेब गर्डर कार्य तथा किऊल एवं लखीसराय स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के लिए कुछ शर्तों के साथ अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया है। ट्रेन परिचालन प्रारंभ होने से पहले मुख्य प्रशासनिक अधिकारी-निर्माण (दक्षिण) द्वारा संरक्षा के सभी मानकों को पूरा करने के साथ-साथ सभी कार्य निर्धारित मानदंड पर पूरा कर लिए जाने से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वी परिमंडल) को भेजी जाएगी।
किऊल एवं लखीसराय स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग कार्य में तेजी लाई गई है। रेलट्रैक की वेल्डिंग, फिशप्लेट, क्रासिंग स्थल पर रेलवे ट्रैकों के प्वायंट को ठीक करने, किऊल एवं लखीसराय स्टेशन के प्लेटफार्म की दीवारों की कास्टिंग और कॉपिंग से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। अत्याधुनिक यंत्रों द्वारा प्वायंट्स और क्रासिंग का प्रावधान, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एवं आउटडोर सिग्नलिंग गियर्स पैनल का परीक्षण एवं यार्ड रिमाडलिंग के लिए इलेक्ट्रिक ओवरहेड ट्रैक्शन से संबंधित कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
बताते चले किऊल एवं लखीसराय स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग कार्य पूरा हो जाने से कई फायदे होंगे। अब तक किउल स्टेशन पर जमालपुर, झाझा, पटना और गया सहित चार दिशाओं से ट्रेनों का आवागमन होता है जिसका अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से मानव द्वारा संचालित पद्धति से ही हो रहा था। पटना और गया से आनेवाली अधिकतर ट्रेनें लखीसराय होकर गुजरती हैं जबकि जमालपुर और झाझा छोड़ से आनेवाली ट्रेनों का परिचालन किऊल होकर किया जाता है। लखीसराय स्टेशन पर प्लेटफार्म की संख्या में भी वृद्धि की जा रही है। अब तक प्लेटफार्म की संख्या कम होने के कारण परिचालनिक कठिनाईयां भी आती थी, जो अब दूर हो जाएंगी। कार्य पूरा हो जाने के बाद सिग्नल, इंजीनियरिंग सहित रेल परिचालन से जुड़ी सभी तकनीकें आटोमेटिक हो जाएंगी, फलत: यहां से गुजरने वाली ट्रेनों का और अधिक संरक्षा के साथ परिचालन संभव हो सकेगा। साथ ही ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा में भी वृद्धि के मार्ग प्रशस्त हो जाएंगे, जिसके पश्चात ट्रेनें अपेक्षाकृत कम समय में अपनी यात्रा पूरी कर पाएंगी, जिससे आमलोगों को तो सुविधा होगी ही, साथ ही ट्रेनों के समय पालन में भी वृद्धि होगी।

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