February 17, 2026

जमुई समेत पूरे बिहार के किसानों को मिले फसल क्षतिपूर्ति का लाभ,पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह ने की मांग

जमुई।जदयू नेता सह चकाई के पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से निवेदन है कि फसल क्षतिपूर्ति योजना से जमुई जिला एवं अंग क्षेत्र के किसानों को वंचित कर दिया गया है, कृषि विभाग के कतिपय अधिकारियों की लापरवाही से ऐसा हुआ है। लिहाज़ा वह व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप करने की कृपा करें, जिससे जमुई जिला एवं अंग क्षेत्र के किसानों को समुचित लाभ मिल सके।गौरतलब है कि पिछले दिनों बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बिहार के अधिकांश जिलों के किसानों की उम्मीदों पर तुषारापात हुआ है। उनकी फसलों को भीषण नुकसान हुआ। यह बारिश और ओलावृष्टि रबी फसलों के लिए जहर और किसानों के लिए कहर बनकर बरसी है। सम्पूर्ण बिहार में जबरदस्त क्षति हुई है, हमारे जमुई जिला एवं अंग क्षेत्र में तो भयंकर नुकसान हुआ है। वैसे भी जमुई जिला एवं अंग क्षेत्र के किसान प्रकृति की दोहरी मार झेलने को विवश हैं, गर्मी की शुरुआत होते ही यह क्षेत्र भीषण सूखे का शिकार हो जाता है। अर्थात, ग्रीष्मकालीन फसल उगाना भी भारी पड़ता है। अभी तो रबी का फसल लगभग तैयार होने ही वाला था तो प्रकृति ने यह कुठाराघात कर दिया।किसान को अन्नदाता कहा गया है, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति रही है कि राज्य के संसाधनों पर सबसे पहला हक आपदा पीड़ितों का होता है। लिहाज़ा अंग क्षेत्र एवं समस्त जमुई जिला किसानों को पूर्ण रूप से फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रदान किया जाय। किसानों की पक कर तैयार फसलें पूरी तरह तबाह हो गयी हैं। किसानों के लिए यह भीषण विपदा की स्थिति है। विगत पांच महीनों से जिस फसल की बुबाई, निकाई, गुड़ाई, पटवन, कीटनाशक छिड़काव, उर्वरक डालने, फसल की रखवाली, उससे पहले खेतों की जुताई आदि में उनकी मेहनत का फल उन्हें नहीं मिला। वहीं इसमें उनकी जो धनराशि खर्च हुई, उसका नुकसान अलग से हुआ। ऐसे में शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि किसानों को पूरी एवं सर्वथा उपयुक्त फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रदान करे। यह सरकार का सबसे पहला उत्तरदायित्व है। नीतीश कुमार के न्याय के साथ विकास के दौर में किसानों को अवश्य उनका हक़ मिलेगा, इसका मुझे पूर्ण रूप से विश्वास है।

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