रक्षाबंधन पर महिलाओं को सरकार का खास तोहफा, पटना की सड़कों पर चलेगी एसी पिंक बसें
- प्रधानमंत्री विद्युत बस सेवा योजना के तहत फिलहाल पांच विशेष बसों का परिचालन, पालीगंज, बेली रोड और बिहटा मार्ग पर सुविधा
- आगे 50 विद्युत बसें महिलाओं के लिए होंगी आरक्षित, कम ऊंचाई वाली बैटरी चालित बसों में मिलेगा आरामदायक सफर
पटना। रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार सरकार ने महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नई सुविधा दी है। महिलाओं की यात्रा को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में विशेष वातानुकूलित विद्युत गुलाबी बसों का परिचालन शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री विद्युत बस सेवा योजना के तहत बिहार को मिलने वाली बसों में से फिलहाल पांच बसों को विशेष रूप से महिलाओं के लिए संचालित किया जा रहा है। ये बसें कम ऊंचाई वाले ढांचे पर तैयार की गई हैं और बैटरी से संचालित होती हैं। एसी की सुविधा होने से यात्रियों को गर्मी के मौसम में भी अपेक्षाकृत आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा। साथ ही विद्युत से चलने के कारण इन बसों को पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है। पथ परिवहन निगम के अनुसार, फिलहाल पांच वातानुकूलित विद्युत गुलाबी बसों को अलग-अलग मार्गों पर चलाया जा रहा है। इनमें दो बसें पटना से पालीगंज मार्ग पर संचालित हो रही हैं। दो बसों का परिचालन बेली रोड मार्ग पर किया जा रहा है, जबकि एक बस पटना से बिहटा की दिशा में चलाई जा रही है। इससे राजधानी पटना के साथ आसपास के शहरों और कस्बों तक महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा का विस्तार होगा। सरकार की योजना आने वाले समय में इस सेवा को और व्यापक बनाने की है। प्रधानमंत्री विद्युत बस सेवा योजना के तहत बिहार को कुल 400 वातानुकूलित विद्युत बसें मिलने की बात कही गई है। इनमें से 50 बसों को महिलाओं के लिए विशेष गुलाबी बस के रूप में संचालित करने की योजना है। इसके अलावा राज्य के अलग-अलग जिलों में करीब 100 गुलाबी बसों का परिचालन पहले से किया जा रहा है। पटना से पालीगंज तक चलने वाली विशेष बस में यात्रियों के लिए अलग-अलग पड़ावों के अनुसार किराया निर्धारित किया गया है। पटना से पालीगंज तक यात्रा के लिए 121 रुपये किराया तय किया गया है। वहीं दुल्हिन बाजार तक 108 रुपये, बिक्रम तक 84 रुपये, नौबतपुर तक 70 रुपये और दानापुर रेलवे स्टेशन तक 40 रुपये किराया निर्धारित है। पालीगंज से पटना की वापसी यात्रा के दौरान भी अलग-अलग पड़ावों के अनुसार किराया तय किया गया है। पालीगंज से दुल्हिन बाजार तक 14 रुपये, बिक्रम तक 38 रुपये, नौबतपुर तक 51 रुपये और दानापुर रेलवे स्टेशन तक 82 रुपये किराया है। वहीं गांधी मैदान तक पहुंचने के लिए 121 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। राजधानी के कारगिल चौक से बिहटा और बिहटा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान तक भी वातानुकूलित विद्युत बस सेवा उपलब्ध कराई गई है। कारगिल चौक से बहु-परिवहन केंद्र और आयकर चौराहा तक 13-13 रुपये किराया रखा गया है। सचिवालय और चिड़ियाघर तक पहुंचने के लिए 18 रुपये, गोला रोड तक 24 रुपये, सगुना मोड़ तक 37 रुपये और दानापुर रेलवे स्टेशन तक 42 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसके आगे शिवाला मोड़ तक यात्रा के लिए 55 रुपये, हंगामा जल मनोरंजन पार्क तक 66 रुपये और बिहटा तथा बिहटा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान तक 72 रुपये किराया तय किया गया है। अलग-अलग दूरी के अनुसार निर्धारित यह किराया व्यवस्था महिलाओं को अपनी यात्रा की योजना बनाने में भी सुविधा देगी। रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू की गई यह पहल महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में एक नया विकल्प मानी जा रही है। खासतौर पर उन महिलाओं के लिए यह सेवा उपयोगी हो सकती है, जिन्हें प्रतिदिन पढ़ाई, नौकरी, व्यापार या अन्य कार्यों के लिए पटना और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा करनी पड़ती है। वातानुकूलित और बैटरी चालित बसों के संचालन से राज्य में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा। कम ध्वनि और बिना धुएं के चलने वाली विद्युत बसें शहरी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल पांच विशेष गुलाबी बसों के साथ शुरू हुई यह सेवा आने वाले समय में बड़े स्तर पर विस्तार की ओर बढ़ सकती है। यदि योजना के अनुसार 50 और विद्युत बसें महिलाओं के लिए संचालित होती हैं, तो पटना समेत बिहार के अन्य प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का दायरा काफी बढ़ जाएगा।


