August 24, 2026

नवादा में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, अस्पताल में तोड़फोड़; एक दर्जन उपद्रवी हिरासत में

  • इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों और ग्रामीणों ने किया हंगामा, पुलिस ने अतिरिक्त बल के साथ संभाली स्थिति
  • बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद बिगड़ी थी महिला की तबीयत, शाम में हुई मौत; पुलिस मामले की जांच में जुटी

नवादा। जिले के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत के बाद रविवार की देर रात जमकर हंगामा हुआ। परिजनों और ग्रामीणों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ की और वहां मौजूद कर्मियों के साथ मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही नगर थाना समेत आसपास के कई थानों की पुलिस और पुलिस लाइन से विशेष कार्रवाई दल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना नवादा नगर थाना क्षेत्र के सद्भावना चौक स्थित बिजली विभाग कार्यालय के समीप एक निजी अस्पताल की बताई जा रही है। मृतका की पहचान नेमदारगंज थाना क्षेत्र के मनका गांव निवासी लाल जी चौहान की 40 वर्षीय पत्नी गीता देवी के रूप में हुई है। महिला को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतका के पति लाल जी चौहान के अनुसार, रविवार की सुबह करीब सात बजे गीता देवी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत गंभीर होने के बावजूद डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की ओर से इलाज में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई। पति ने आरोप लगाया कि चिकित्सा में लापरवाही के कारण शाम करीब पांच बजे उनकी पत्नी की मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजन और गांव के बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। उस समय तक नगर थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी थी और मृतका की जांच संबंधी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में जुटी थी। इसी बीच बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया और देखते ही देखते अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के कई हिस्सों में तोड़फोड़ की। बताया जाता है कि भीड़ ने बाह्य रोगी विभाग, चिकित्सक कक्ष, शल्य कक्ष, एक्स-रे कक्ष और वार्ड में जमकर नुकसान पहुंचाया। अस्पताल में लगे पंखे, वातानुकूलन यंत्र और अन्य उपकरणों को भी क्षति पहुंचाई गई। शीशे और अन्य सामान तोड़ दिए गए, जिससे अस्पताल को काफी आर्थिक नुकसान होने की बात कही जा रही है। हंगामा बढ़ने की सूचना पर आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। पुलिस लाइन से विशेष कार्रवाई दल भी मौके पर पहुंचा। नगर क्षेत्र के पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार झा और नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को शांत कराया। पुलिस की कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे भीड़ को अस्पताल परिसर से हटाया गया और हालात को नियंत्रण में लिया गया। पुलिस ने तोड़फोड़ और उपद्रव में शामिल करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस टीम फिलहाल अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में तैनात रही, ताकि किसी तरह की दोबारा अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-एक अभिषेक कुमार ने बताया कि इलाज के दौरान निजी अस्पताल में एक महिला की मौत हुई थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान मृतका के गांव से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि नगर थाना पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। उपद्रव में शामिल लोगों को हिरासत में लिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। इधर, महिला की मौत के मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए इलाज में लापरवाही के आरोप की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल घटना के बाद अस्पताल परिसर में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन रविवार की देर रात हुई इस घटना ने निजी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस एक ओर महिला की मौत से जुड़े मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

You may have missed