मुख्यमंत्री आवास के पास मिली शराब की बोतल, बिहार में शराबबंदी पर फिर उठे सवाल
- महंगे ब्रांड की खाली बोतल और बैग मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की जांच
- टीआरई-4 विवाद और छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री ने बुलाई शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक
पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास के पास शराब की खाली बोतल मिलने से एक बार फिर राज्य की शराबबंदी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। मुख्यमंत्री आवास के समीप एक महंगे विदेशी ब्रांड की शराब की खाली बोतल और उसके पास एक बैग मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सचिवालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार शराब की यह बोतल मुख्यमंत्री आवास के नजदीक सड़क किनारे पड़ी मिली। स्थानीय लोगों ने जब बोतल और उसके पास रखा बैग देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। बताया जा रहा है कि बरामद शराब की बोतल काफी महंगे ब्रांड की थी, जिसकी बाजार में कीमत लगभग चार से पांच हजार रुपये के बीच बताई जा रही है। मुख्यमंत्री आवास जैसे संवेदनशील इलाके के पास शराब की बोतल मिलने से सुरक्षा व्यवस्था और शराबबंदी कानून के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूचना मिलने के बाद सचिवालय थाना प्रभारी गौतम कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल वहां से खाली बोतल और बैग हटवाया। थाना प्रभारी ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की बोतल वहां कैसे पहुंची। पुलिस आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके। बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। राज्य सरकार लगातार दावा करती रही है कि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है। हालांकि समय-समय पर शराब बरामदगी और तस्करी की घटनाएं सामने आती रही हैं। अब मुख्यमंत्री आवास के आसपास शराब की बोतल मिलने की घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। इधर राज्य सरकार आज “नो व्हीकल डे” भी मना रही है। इस अभियान के तहत लोगों को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए निजी वाहनों का कम उपयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार अपने आवास से लगभग पांच सौ मीटर पैदल चलकर सचिवालय पहुंचे। सरकार का कहना है कि इस तरह के अभियान से लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। दूसरी ओर राज्य में शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अभ्यर्थियों के आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री आज शाम पांच बजे शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में शिक्षक भर्ती अधिसूचना और बहाली प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। सरकार के अनुसार बैठक में टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति, अभ्यर्थियों की मांगों और विभागीय तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी और मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी भी इस बैठक में शामिल होंगे। साथ ही विभाग के कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। टीआरई-4 को लेकर बिहार में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। हाल ही में पटना समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए थे, जहां पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद मामला और अधिक राजनीतिक हो गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी यादव ने सामाजिक माध्यम मंच “एक्स” पर लिखा कि सरकार की नीयत ही टीआरई-4 की रिक्तियां निकालने की नहीं है। उन्होंने कहा कि महीनों बीत जाने के बावजूद अब तक भर्ती अधिसूचना जारी नहीं की गई है। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि टीआरई-4 परीक्षा की मांग करना अपराध कैसे हो गया और प्रश्नपत्र लीक का विरोध करना गलत कैसे माना जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि सरकार को पुलिस का उपयोग करना ही है तो उसे भ्रष्टाचार और अपराध रोकने में करना चाहिए, न कि नौकरी मांग रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करने में। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री केवल प्रचार और वीडियो बनाने में व्यस्त हैं, जबकि युवाओं के भविष्य की चिंता किसी को नहीं है। फिलहाल बिहार में शराबबंदी व्यवस्था, टीआरई-4 विवाद और छात्र आंदोलन जैसे मुद्दों ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। मुख्यमंत्री आवास के पास शराब की बोतल मिलने की घटना और शिक्षक भर्ती को लेकर जारी विवाद ने सरकार की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। अब सबकी नजर सरकार की आगामी कार्रवाई और मुख्यमंत्री की बैठक के फैसलों पर टिकी हुई है।


