बिहार में मौसम का दोहरा वार, कहीं भीषण गर्मी तो कहीं बारिश और वज्रपात से बढ़ी परेशानी

  • 19 जिलों में बारिश और तेज हवा को लेकर नारंगी चेतावनी जारी, अगले पांच दिनों तक मौसम रहेगा अस्थिर
  • कटिहार में जलजमाव, कैमूर में तापमान 41 डिग्री के करीब; किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह

पटना। बिहार में इन दिनों मौसम का दोहरा मिजाज लोगों की परेशानी का कारण बन गया है। राज्य के कई हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और उमस से लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर अचानक हो रही बारिश, तेज हवा और वज्रपात ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी और वातावरण में बन रहे दबाव के कारण पूरे राज्य के मौसम में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जबकि उत्तर बिहार और सीमांचल के इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां अधिक सक्रिय बनी हुई हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताते हुए 19 जिलों के लिए नारंगी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक बिहार में बारिश, तेज हवा और गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के प्रभाव से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, लेकिन यदि बारिश कमजोर पड़ती है तो उमस और गर्मी का असर और अधिक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है। विभाग के अनुसार दिन में तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी के बाद शाम के समय अचानक मौसम बदल सकता है। कई जिलों में आंधी और वज्रपात की संभावना भी व्यक्त की गई है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। कटिहार जिले में मंगलवार रात से लगातार मूसलाधार बारिश होती रही, जिससे शहर और आसपास के इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। कई सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित रहा। वहीं गयाजी, जहानाबाद और बांका समेत कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट देखने को मिली, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन उमस बरकरार रहने से परेशानी बनी रही। दूसरी ओर कैमूर जिले में तापमान एक बार फिर 41 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। यहां गर्म हवाओं और तेज उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिन के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। गर्मी के कारण बिजली की मांग भी बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पर दबाव देखा जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में बिहार में पूर्व मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से नमी आने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। यही वजह है कि राज्य में कहीं तेज गर्मी तो कहीं बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों से कहा गया है कि खेतों में रखी फसल और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखें। तेज हवा और बारिश के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। विशेष रूप से सब्जी और फल उत्पादक किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि तेज हवा, बारिश और बिजली कड़कने के दौरान घरों के भीतर ही रहें। मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी है। अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की भी अपील की गई है। राजधानी पटना में भी दिनभर बादल और उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राजधानी समेत कई जिलों में मौसम इसी तरह बदलता रह सकता है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को लगातार मौसम की जानकारी पर नजर रखने और सतर्क रहने की जरूरत है।

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