तय समय से पहले दस्तक देगा मानसून, देशभर में आंधी-बारिश और लू का दोहरा असर
- केरल तट पर 25 से 27 मई के बीच पहुंच सकता है मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी जारी, बिहार-उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में वज्रपात की चेतावनी
नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। एक ओर जहां कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मानसून की गतिविधियां समय से पहले तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से लगभग चार दिन पहले देश में प्रवेश कर सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 25 से 27 मई के बीच केरल तट पर दस्तक देने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक मजबूत मौसमी तंत्र विकसित हुआ है, जो अगले 48 घंटों में और प्रभावी हो सकता है। इसी कारण दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस मौसमी बदलाव का असर पूरे देश में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। बिहार और उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण कई मकानों और गोशालाओं की छतें उड़ गईं। वहीं पर्वतीय इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की भी संभावना बनी हुई है। दूसरी तरफ राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। सोमवार को राजस्थान का बाड़मेर देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जैसलमेर में 46.5 डिग्री, फलोदी में 45.6 डिग्री और बीकानेर में 45.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मध्य प्रदेश के रतलाम में भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को दिन के समय घरों में रहने की सलाह दी जा रही है। दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 14 से 17 मई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। कई क्षेत्रों में तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। इसके अलावा असम, मेघालय, मणिपुर और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी तंत्र का असर ओडिशा में भी दिखाई देगा। मौसम विभाग ने राज्य के लगभग 20 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। अगले छह दिनों तक वहां तेज हवाओं, बिजली गिरने और बारिश की संभावना बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। इन क्षेत्रों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में वज्रपात को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की शुरुआती गतिविधियां सामान्य से अधिक सक्रिय हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है, लेकिन अचानक मौसम बदलने से जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और खेती से जुड़े कार्यों में सावधानी बरतें। फिलहाल देश में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। कहीं भारी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।


