डॉ प्रमोद कुमार ने कला एवं संस्कृति मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया
- कलाकार पेंशन, गुरु-शिष्य परंपरा, छात्रवृत्ति एवं फिल्म प्रोत्साहन योजनाओं पर हुई चर्चा
- अश्लील एवं फूहड़ गानों पर लगेगी रोक
पटना। कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री के रूप में डॉ प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर विभाग के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मौके पर सर्वप्रथम उन्होंने शंखनाद कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर विभिन्न कला क्षेत्रों के कई कलाकारों ने उनका स्वागत अभिवादन किया। पदभार ग्रहण के उपरांत माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए विभाग निरंतर कार्य करता रहेगा। उन्होंने कलाकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के सहयोग से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।.उन्होंने कहा कि राज्य की लोककलाओं, सांस्कृतिक धरोहरों, संग्रहालयों, रंगमंच एवं युवा कलाकारों को प्रोत्साहन देना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल की जाएगी। इसके साथ ही विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना, गुरु-शिष्य परंपरा योजना, कला एवं फिल्म शिक्षा से जुड़ी छात्रवृत्ति योजनाओं तथा बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और फिल्म सब्सिडी को बढ़ावा देने संबंधी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि राज्य के कलाकारों, युवा प्रतिभाओं और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग निरंतर कार्य करेगा। माननीय मंत्री डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि समाज में अश्लील गानों से हमारी मनोवृत्ति खराब होती है। इसके मद्देनजर फूहड़ एवं अश्लील गानों पर रोक लगेगी। इससे हमारे समाज में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी और हमारी महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी। स्कूल एवं कॉलेजों में नाटक की पढ़ाई के लिए नाट्य शिक्षकों की बहाली पर उन्होंने कहा कि जल्द ही इस विषय पर विभाग के अधिकारियों के साथ अध्ययन कर वो फैसला लेंगे। इस अवसर पर विभागीय सचिव प्रणव कुमार, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी, संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार उपस्थित रहे।


