शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप, होमगार्ड जवान पर युवती ने महिला आयोग में लगाई गुहार

  • नौकरी मिलने के बाद युवक ने दूसरी शादी की, तय विवाह से मुकरा
  • महिला आयोग ने माना मामला गंभीर, अगली सुनवाई 30 अप्रैल को

पटना। बिहार राज्य महिला आयोग में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रेम संबंध, भरोसे और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बिहार पुलिस में होमगार्ड की नौकरी पाने के बाद एक युवक ने अपनी प्रेमिका को छोड़कर किसी अन्य महिला से विवाह कर लिया, जबकि वह पहले युवती से शादी का वादा कर चुका था। पीड़िता ने न्याय की मांग करते हुए महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला पटना जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता के अनुसार, युवक ने उससे उस समय संपर्क स्थापित किया था जब वह नाबालिग थी। उसने उसे प्रेम जाल में फंसाकर शादी का आश्वासन दिया और बालिग होने के बाद विवाह करने का वादा किया। पीड़िता का कहना है कि इसी भरोसे के आधार पर युवक ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया कि वह जून 2024 से समस्तीपुर में अपने ननिहाल में रह रही थी। इसी दौरान एक दिन जब वह बाजार जाने के लिए घर से निकली, तो पड़ोस में रहने वाले युवक ने उसे रास्ते में रोका और साथ चलने का प्रस्ताव रखा। शुरुआत में उसने मना किया, लेकिन बाद में युवक के कहने पर वह उसके साथ चली गई। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और युवक ने प्रेम का इजहार करते हुए शादी का वादा किया। पीड़िता का आरोप है कि युवक ने भावनात्मक दबाव बनाते हुए कहा कि यदि वह उससे प्रेम नहीं करेगी तो वह आत्महत्या कर लेगा। इन बातों में आकर वह उसके करीब आ गई। उस समय उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष थी। युवक ने उसे विश्वास दिलाया कि जैसे ही वह बालिग होगी, उससे विवाह करेगा। नवंबर 2025 में पीड़िता के परिजनों को इस संबंध की जानकारी मिली, जिसके बाद गांव में सामाजिक स्तर पर बैठक हुई। पंचायत के माध्यम से यह निर्णय लिया गया कि युवती के बालिग होने पर दोनों का विवाह करा दिया जाएगा। इसके तहत अप्रैल 2026 में शादी की तारीख भी तय कर दी गई और विवाह का कार्ड भी छप गया। हालांकि, इसी बीच युवक की होमगार्ड में नौकरी लग गई, जिसके बाद उसने अचानक अपना रुख बदल लिया। पीड़िता का आरोप है कि युवक के परिवार ने यह कहकर शादी से इनकार कर दिया कि इस तरह के संबंध सामान्य होते हैं और विवाह संभव नहीं है। बाद में यह भी सामने आया कि युवक ने जनवरी 2026 में ही किसी अन्य महिला से विवाह कर लिया था। दूसरी ओर, आरोपी युवक का कहना है कि अगस्त 2025 के बाद से उसकी युवती से बातचीत बंद हो गई थी और उसने 31 जनवरी 2026 को विवाह कर लिया। उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहता और समझौते के पक्ष में है, क्योंकि वह अपनी वर्तमान पत्नी को धोखा नहीं देना चाहता। महिला आयोग की अध्यक्ष प्रोफेसर अप्सरा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह यौन उत्पीड़न का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए गए और बाद में युवक ने दूसरी शादी कर ली, जो चिंताजनक है। हालांकि, अब युवक की दूसरी शादी हो चुकी है, इसलिए पीड़िता के साथ विवाह कराना संभव नहीं है। आयोग ने मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को निर्धारित की है। पीड़िता को अपने माता-पिता के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सके। यह मामला न केवल व्यक्तिगत संबंधों में विश्वासघात को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सामाजिक और कानूनी स्तर पर ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। अब सभी की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी है, जहां पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद है।

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