मधेपुरा में बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस ने की छापेमारी, 14 गिरफ्तार

  • ‘नया सवेरा’ अभियान के तहत गुप्त छापेमारी, तीन उप पुलिस अधीक्षकों की टीम ने किया संचालन
  • महिला-पुरुष बल की घेराबंदी में पकड़े गए आरोपी, आपत्तिजनक सामग्री और वाहन बरामद

मधेपुरा। जिले के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित देह व्यापार के मामले में 11 युवतियों और 3 युवकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई सिंहेश्वर–बिरैली मार्ग पर रोड संख्या 18 के समीप की गई, जहां लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियों की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन की सक्रियता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जानकारी के अनुसार यह छापेमारी पुलिस मुख्यालय, पटना द्वारा चलाए जा रहे ‘नया सवेरा’ अभियान के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य समाज में फैल रही अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और मानव तस्करी तथा देह व्यापार जैसे अपराधों को समाप्त करना है। पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार के निर्देश पर इस पूरी कार्रवाई की योजना बनाई गई थी, जिसमें स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अन्य इकाइयों का भी सहयोग लिया गया। इस अभियान में गैर-सरकारी संगठन बिहार सेवा समिति न्याय केंद्र, मधुबनी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संगठन के सहयोग से पुलिस को आवश्यक सूचनाएं और रणनीतिक समर्थन प्राप्त हुआ, जिसके आधार पर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस छापेमारी की योजना को पूरी तरह गोपनीय रखा, ताकि आरोपियों को इसकी भनक न लग सके। बताया जाता है कि इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम ने विशेष रणनीति अपनाई। तीन उप पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में पुलिसकर्मी पहले ग्राहक बनकर मौके पर पहुंचे और वहां की स्थिति का आकलन किया। इसके बाद अचानक छापेमारी शुरू कर दी गई। पुलिस की उपस्थिति का अंदेशा होते ही मौके पर मौजूद युवतियां खेतों की ओर भागने लगीं, लेकिन पहले से तैनात महिला और पुरुष पुलिस बल ने चारों ओर से घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जो इस अवैध गतिविधि की पुष्टि करती है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल, जिसका पंजीकरण संख्या बीआर 43 एए 3103 बताया जा रहा है, को भी जब्त किया गया है। पुलिस का मानना है कि यह वाहन इस नेटवर्क के संचालन में उपयोग किया जा रहा था। इस पूरे अभियान में विशेष कार्यबल की भी भूमिका बताई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सुनियोजित ढंग से कार्रवाई की। छापेमारी में सहायक पुलिस अधीक्षक प्रवेंद्र भारती, मुख्यालय उप पुलिस अधीक्षक मनोज मोहन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और दर्जनों पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस प्रकार के अवैध धंधों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में भी संतोष का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां चल रही थीं, जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा था। पुलिस की इस पहल से लोगों में विश्वास बढ़ा है कि प्रशासन अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। यह कार्रवाई न केवल एक अवैध गतिविधि पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराध में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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