February 17, 2026

कुलदीप सेंगर सहित 7 लोगों को दोषी करार, कोर्ट से लगायी गुहार, जज बोले-सब दिखता है

CENTRAL DESK : यूपी के उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने यूपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर सहित 7 लोगों को दोषी करार दिया है, जबकि 4 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। इस दौरान दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर ने कोर्ट में खुद के निर्दोष होने के लिए गिड़गिड़ाया। अदालत 12 मार्च को बहस के बाद इस मामले पर सजा सुनाएगी।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान तीस हजारी कोर्ट के सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने कहा कि यह मेरे करियर का सबसे बेहतरीन ट्रायल था। केंद्रीय जांच एजेंसी और पीड़िता के वकील धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने अच्छा काम किया। वे बधाई के पात्र हैं। वहीं दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर ने अदालत में निर्दोष होने की गुहार लगाई, लेकिन जज धर्मेंश शर्मा ने टिप्पणी में कहा कि तुमने खुद को बचाने के लिए तकनीक का अच्छा इस्तेमाल किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। हमें सब दिखता है। बता दें इस मामले में पीड़ित पक्ष की तरफ से 55 लोगों की गवाही हुई, जबकि आरोपित पक्ष की तरफ से 9 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए थे। मामले में कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर- पूर्व विधायक, कामता प्रसाद- सब इंस्पेक्टर, अशोक सिंह भदौरिया- एसएचओ, विनीत मिश्रा उर्फ विनय मिश्रा, बीरेंद्र सिंह उर्फ बउवा सिंह, शशि प्रताप सिंह उर्फ सुमन सिंह, जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह को दोषी करार दिया है। वहीं शैलेंद्र सिंह उर्फ टिंकू सिंह, राम शरण सिंह उर्फ सोनू सिंह, अमीर खान, कॉन्स्टेबल, शरदवीर सिंह को बरी कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में शुरूआत में सीबीआइ ने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को आरोपित नहीं बनाया था, लेकिन पीड़ित पक्ष के वकील की दलीलों के बाद कुलदीप सेंगर पर भी ट्रायल हुआ और नतीजतन दिल्ली की कोर्ट ने अपने फैसले में दोषी ठहराया। सीबीआइ की तरफ से दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि पीड़िता के पिता को हिरासत में बुरी तरह मारा गया। इस दौरान उनके शरीर पर 18 जगह चोट आई। इस वजह से घटना के चौथे दिन 9 अप्रैल 2018 में पुलिस हिरासत में उनकी मृत्यु हो गई। मृतक पर झूठा केस दर्ज किया गया और यह सब कुलदीप सेंगर के इशारों पर हुआ। बता दें कि दोषियों को आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 120 बी (साजिश रचना) के तहत दोषी करार दिया गया है। 304 में अधिकतम उम्र कैद और जुर्माना और न्यूनतम 10 साल कारावास और जुर्माना का प्रावधान है। सेंगर दुष्कर्म के मामले में पहले से ही उम्रकैद पा चुका है।

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