February 24, 2026

टीम इंडिया पर बोले शोएब अख्तर, कहा- भारतीय तेज गेंदबाजों का खौफ नहीं, मैच जीतना है तो कुलदीप को खिलाएं

नई दिल्ली। टी-20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रन की हार के बाद भारतीय टीम की गेंदबाजी आलोचना के घेरे में आ गई है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारतीय आक्रमण को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा तेज गेंदबाजी में वह खौफ नजर नहीं आता, जिससे मजबूत टीमों को दबाव में लाया जा सके। साथ ही उन्होंने चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल करने की वकालत की है।
तेज गेंदबाजी में नहीं दिखा असर
अख्तर ने खास तौर पर हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे की गेंदबाजी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि दोनों गेंदबाज लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाल रहे थे, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष बल्लेबाजों को डराने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि वे कोई मैल्कम मार्शल नहीं हैं, जिनकी रफ्तार और बाउंसर बल्लेबाजों में भय पैदा कर देते थे। मैल्कम मार्शल वेस्टइंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज थे, जो 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे। 1970 और 80 के दशक में वेस्टइंडीज के प्रभुत्व के दौर में मार्शल उनकी सबसे बड़ी ताकत माने जाते थे। अख्तर ने तुलना करते हुए कहा कि यदि डेथ ओवरों में कम रफ्तार वाले गेंदबाजों से गेंदबाजी कराई जाएगी तो दक्षिण अफ्रीका जैसे बल्लेबाजों का पलटवार होना स्वाभाविक है।
डेथ ओवरों में महंगे साबित हुए ऑलराउंडर
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे ने मिलकर छह ओवरों में 77 रन खर्च किए और केवल एक विकेट हासिल किया। अख्तर का मानना है कि इस प्रदर्शन ने भारतीय गेंदबाजी इकाई की कमजोरी उजागर कर दी। उन्होंने कहा कि मजबूत बल्लेबाजी क्रम के सामने भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेअसर नजर आए। भारतीय टीम इस मुकाबले में केवल 111 रन पर सिमट गई थी, जिसके बाद गेंदबाजों पर दबाव और बढ़ गया। ऐसे में डेथ ओवरों में विविधता और गति की कमी साफ दिखाई दी।
वरुण चक्रवर्ती की रफ्तार पर भी टिप्पणी
अख्तर ने मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी पर भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि वरुण अपनी सामान्य लय में नहीं दिखे। आमतौर पर वे 97 से 98 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंद डालते हैं, लेकिन इस मैच में उनकी रफ्तार लगभग 94 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रही। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब वरुण आक्रमण पर आए तो दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस ने उन्हें छक्का जड़ दिया। इससे साफ झलकता है कि गेंदबाज दबाव में थे और बल्लेबाजों ने इसका फायदा उठाया।
कुलदीप यादव को मौका देने की मांग
भारतीय गेंदबाजी में सुधार के लिए अख्तर ने एक अहम सुझाव दिया। उन्होंने चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल करने की वकालत की। उनका मानना है कि कुलदीप ऐसे गेंदबाज हैं जो हवा में गेंद को घुमाकर बल्लेबाजों को चकमा दे सकते हैं और जरूरत पड़ने पर विकेट निकाल सकते हैं। अख्तर ने कहा कि कुलदीप मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं और उन्हें बाहर रखना समझ से परे है। उनका मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में ऐसे गेंदबाज की जरूरत होती है, जो मध्य ओवरों में आकर खेल का रुख बदल सके।
आक्रमण में विविधता की कमी
अख्तर का यह भी कहना है कि वॉशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी शैली में काफी समानता है। जब आक्रमण में विविधता नहीं होती तो शीर्ष स्तर की टीमें आसानी से रणनीति बना लेती हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में भी यही देखने को मिला, जहां बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों को जमने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यदि गेंदबाजी आक्रमण में अलग-अलग तरह की स्किल्स नहीं होंगी तो विरोधी टीमों को लक्ष्य बनाना आसान हो जाता है। ऐसे में कुलदीप जैसे गेंदबाज टीम को संतुलन दे सकते हैं।
आगे की राह
सुपर-8 चरण में मिली इस करारी हार ने भारतीय टीम के लिए चेतावनी का काम किया है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अब टीम को अपने संयोजन पर गंभीरता से विचार करना होगा। अख्तर की टिप्पणियां भले ही प्रतिद्वंद्वी देश के पूर्व खिलाड़ी की हों, लेकिन उन्होंने भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियों की ओर इशारा जरूर किया है। अब देखना होगा कि टीम प्रबंधन आगामी मुकाबलों में गेंदबाजी संयोजन में बदलाव करता है या नहीं। यदि भारतीय टीम को आगे बढ़ना है तो उसे न केवल बल्लेबाजी में, बल्कि गेंदबाजी में भी धार दिखानी होगी।

You may have missed