बिहार में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 1076 पदों पर होगी बहाली, मदरसों में शुरू होगी स्मार्ट कक्षा
पटना। बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को सशक्त बनाने और सेवाओं को प्रखंड स्तर तक विस्तारित करने के लिए इस वर्ष 1076 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान ने शुक्रवार को सूचना भवन स्थित संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन नियुक्तियों के माध्यम से विभागीय कार्यों को मजबूती मिलेगी और राज्य के सभी प्रखंडों में विभागीय कार्यालयों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के छह पदों और प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 487 पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अनुशंसा भेजी जा चुकी है। इसके अलावा निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय एवं निदेशालय) के आठ पद, निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय सेवा) के 14 पद, निम्नवर्गीय लिपिक (बिहार समाहरणालय) के 524 पद और छात्रावास प्रबंधक के 37 पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अनुशंसा की गई है। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों के बाद विभाग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य के केवल 44 प्रखंडों में प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी तैनात हैं, लेकिन आगामी वित्तीय वर्ष में सभी प्रखंडों में विभागीय कार्यालयों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हो सकेगा। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री मो. जमा खान ने अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षणिक विकास पर विशेष जोर देते हुए बताया कि राज्य के मदरसों के आधुनिकीकरण की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट कक्षा की शुरुआत की जाएगी। इन स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को समाज विज्ञान, गणित और अन्य आधुनिक विषयों की शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार राज्य के सभी मदरसों में किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सच्चर समिति की अनुशंसाओं के आधार पर राज्य में अल्पसंख्यकों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी का कार्य पूरा कराया है और अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न जिलों में 50 छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा तलाकशुदा महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है और राज्य कोचिंग योजना तथा मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करना है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव सोहैल ने बताया कि विभाग द्वारा वर्तमान में दो अल्पसंख्यक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 22 विद्यालय निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा कटिहार, मुजफ्फरपुर, जमुई, कैमूर और नालंदा में स्थित पांच विद्यालयों में इस वर्ष शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाएगा। इन विद्यालयों में कक्षा 9 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों और शैक्षणिक सुधारों से अल्पसंख्यक समुदाय के विकास को नई दिशा मिलेगी और उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। सरकार की इस पहल को अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


