February 19, 2026

रेल यात्रियों को बड़ी राहत, आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म पर मिलेगा कनेक्टिंग ट्रेन का विकल्प और सभी सेवाएं

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। अब यात्रियों को यदि किसी स्थान के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं होती है, तो उन्हें कनेक्टिंग यात्रा यानी जुड़ी हुई ट्रेनों का विकल्प सीधे भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम के मंच पर उपलब्ध होगा। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को अलग-अलग स्टेशन कोड डालकर अलग-अलग ट्रेनों की जानकारी खोजने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और यात्रा योजना अधिक आसान और समय की बचत करने वाली बन जाएगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस नई सुविधा के तहत यात्री अब एक ही स्थान पर यह देख सकेंगे कि उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए कौन सी पहली ट्रेन और उसके बाद कौन सी दूसरी ट्रेन सबसे उपयुक्त रहेगी। इसके साथ ही दोनों ट्रेनों के बीच कनेक्टिंग स्टेशन पर समय का अंतराल भी पहले से निर्धारित रहेगा, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा या अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे यात्रा के दौरान भागदौड़ और भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और यात्रियों को अधिक भरोसेमंद और सुव्यवस्थित यात्रा अनुभव मिलेगा। इस डिजिटल सुधार के तहत रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र ने जनवरी माह में ‘रेलवन’ नामक मोबाइल अनुप्रयोग का परीक्षण संस्करण शुरू किया था। अब यह अनुप्रयोग यात्रियों के लिए एक एकीकृत डिजिटल मंच के रूप में विकसित हो चुका है। पहले यात्रियों को आरक्षित टिकट बुक करने के लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम का अनुप्रयोग, ट्रेन की लाइव स्थिति जानने के लिए राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली, शिकायत दर्ज करने के लिए रेल मदद और भोजन सेवा के लिए फूड ऑन ट्रैक जैसे अलग-अलग अनुप्रयोगों का उपयोग करना पड़ता था। अब इन सभी सेवाओं को ‘रेलवन’ अनुप्रयोग में एक साथ उपलब्ध करा दिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत रेलवे सेवाओं को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अनुप्रयोग के माध्यम से यात्री आरक्षित और अनारक्षित टिकट बुक कर सकते हैं, प्लेटफॉर्म टिकट प्राप्त कर सकते हैं, पीएनआर स्थिति की जानकारी ले सकते हैं, कोच की स्थिति देख सकते हैं और ट्रेन की वास्तविक समय स्थिति का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा यात्री अपनी शिकायत भी सीधे इस मंच के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। रेलवे ने डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए किराए में भी मामूली छूट देने की व्यवस्था की है। उदाहरण के तौर पर, पटना के लिए जहां पहले किराया 95 रुपये था, वहीं अब डिजिटल भुगतान के माध्यम से यह 92 रुपये हो गया है। इसी प्रकार मुंबई के लिए किराया 500 रुपये के बजाय 485 रुपये और बेंगलुरु के लिए 580 रुपये के बजाय 562 रुपये कर दिया गया है। रेलवे का मानना है कि इस कदम से अधिक से अधिक यात्री डिजिटल माध्यम का उपयोग करेंगे और नकद भुगतान पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही मालदा मंडल की छह ट्रेनों की श्रेणी में भी बदलाव किया जा रहा है, जिससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को कनेक्टिंग यात्रा में अधिक सुविधा मिल सकेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव यात्रियों की सुविधा और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि ‘रेलवन’ अनुप्रयोग केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह यात्रियों को बेहतर सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से यात्रियों को एक ही मंच पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनकी यात्रा अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी। हालांकि, इस नई डिजिटल व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह जमीनी स्तर पर यात्रियों की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरती है। यदि यह प्रणाली प्रभावी रूप से काम करती है, तो यह भारतीय रेलवे के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है और यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव को और अधिक सहज और विश्वसनीय बना सकती है।

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