पटना में डीएसपी की गाड़ी ने रॉन्ग साइड से वाहन में मारी टक्कर, लोगों ने जमकर काटा बवाल
पटना। राजधानी पटना में गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना ने उस समय तूल पकड़ लिया जब पुलिस उपाधीक्षक की सरकारी गाड़ी पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा। शहर की एक व्यस्त सड़क पर कथित तौर पर गलत दिशा से आ रही पुलिस उपाधीक्षक की गाड़ी ने सामने से आ रहे एक अन्य वाहन को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते वहां हंगामा शुरू हो गया। कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक की सरकारी गाड़ी तेज गति से गलत दिशा में चल रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे एक वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और घटना को लेकर सवाल उठाने लगे। स्थानीय लोगों का कहना था कि आम नागरिकों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए बाध्य किया जाता है, लेकिन यदि कोई वरिष्ठ अधिकारी ही नियमों का उल्लंघन करता है तो यह चिंता का विषय है। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के बाद पुलिस उपाधीक्षक वाहन से नीचे उतरे, लेकिन स्थिति को बिगड़ता देख वहां से चले गए। उनके इस रवैये से स्थानीय लोगों में और अधिक नाराजगी फैल गई। लोगों ने इसे गैर जिम्मेदाराना व्यवहार बताते हुए विरोध शुरू कर दिया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि यदि आम नागरिक इस प्रकार का नियम उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होती है, ऐसे में अधिकारियों के लिए भी समान नियम लागू होने चाहिए। घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि घटना की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस घटना के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या वास्तव में पुलिस उपाधीक्षक की गाड़ी गलत दिशा में चल रही थी। पुलिस द्वारा घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की जानकारी जुटाई जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यातायात नियमों के पालन और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को उसके पद या अधिकार के आधार पर विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले को लेकर शहर में चर्चाओं का माहौल है और लोग इस घटना की निष्पक्ष जांच की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस दिशा में कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


