बिहार में खत्म हुई ठंड: अगले 7 दिनों में बदलेगा मौसम, प्रचंड गर्मी का अलर्ट जारी
पटना। बिहार में इस बार ठंड बिना ज्यादा असर दिखाए ही खत्म हो गई है और मौसम ने अचानक गर्मी की ओर रुख कर लिया है। जलवायु परिवर्तन के चलते मौसम के स्वरूप में जो बदलाव देखने को मिल रहा है, उसका असर अब साफ तौर पर राज्य में नजर आने लगा है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि अगले सात दिनों तक बिहार में मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
ठंड की विदाई और गर्मी की दस्तक
बिहार में इस बार सर्दी का मौसम अपेक्षाकृत छोटा रहा। आमतौर पर जनवरी और फरवरी में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ती है, लेकिन इस साल लोगों को लंबे समय तक ठिठुरन का सामना नहीं करना पड़ा। फरवरी के मध्य तक आते-आते दिन की धूप तेज हो गई और अब स्थिति यह है कि गर्म कपड़े दिन में बेकार हो गए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव असामान्य जरूर है, लेकिन बीते कुछ वर्षों से यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
उत्तर-पूर्व बिहार में तापमान अधिक
मौसम विभाग के अनुसार सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इन जिलों में न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद गर्मी और तेज हो सकती है।
भागलपुर में टूटा मौसम का रिकॉर्ड
भागलपुर जिले में बीते दो वर्षों से ठंड के मौसम में एक अनोखा बदलाव देखने को मिला है। इस बार भी यहां ठंड तो पड़ी, लेकिन एक भी दिन ऐसा नहीं आया जब शीत दिवस या शीतलहर की स्थिति बनी हो। यह स्थिति मौसम विभाग के रिकॉर्ड में बेहद दुर्लभ मानी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1985 से लेकर अब तक, यानी करीब 40 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि पूरे सर्दी के मौसम में लोगों को एक भी दिन शीत दिवस या शीतलहर का सामना नहीं करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है।
दिन का मौसम पूरी तरह बदला
बुधवार को दिन का मौसम पूरी तरह गर्मी जैसा महसूस हुआ। तेज धूप ने लोगों को पसीना निकालने पर मजबूर कर दिया। इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह से ही चमकती धूप के कारण जो लोग हल्के गर्म कपड़े पहने हुए थे, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रात के समय अब ठिठुरन लगभग खत्म हो चुकी है और केवल हल्की सिहरन ही महसूस हो रही है।
रात के तापमान में भी तेजी से वृद्धि
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार के अनुसार शुक्रवार से रात के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। अनुमान है कि अगले 72 घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाएगा। इसके बाद रातों में बची-खुची ठंड भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। बीते 24 घंटों के दौरान दिन के तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि रात के तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की मामूली वृद्धि हुई।
तापमान और आर्द्रता का हाल
बुधवार को अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से क्रमशः 2.7 और 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। आर्द्रता की बात करें तो सुबह साढ़े आठ बजे यह 74 प्रतिशत थी, जो शाम साढ़े पांच बजे घटकर 49 प्रतिशत पर आ गई। कम होती आर्द्रता और तेज धूप के कारण दिन में गर्मी का असर और अधिक महसूस किया गया।
पश्चिमी विक्षोभ की भूमिका
हर साल की तरह इस बार भी पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए, जिससे वहां बर्फबारी और ठंड बढ़ी। इन्हीं विक्षोभों के कारण उत्तर-पछुआ हवाएं ठंड को लेकर बिहार के तराई और मैदानी इलाकों तक पहुंचती हैं। लेकिन बीते दो वर्षों से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता केवल दो से तीन दिनों तक सीमित रही। इस कारण तापमान कुछ समय के लिए जरूर गिरा, लेकिन शीत दिवस या शीतलहर की स्थिति बनने से पहले ही मौसम फिर गर्म हो गया।
कृषि और आम जनजीवन पर असर
मौसम के इस बदले मिजाज का असर खेती और आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। किसानों के लिए फसलों की सिंचाई और कटाई का समय प्रभावित हो सकता है, वहीं आम लोगों को फरवरी में ही गर्मी से बचाव के उपाय करने पड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में धूप से बचना, पर्याप्त पानी पीना और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना जरूरी है। बिहार में इस बार ठंड का मौसम असामान्य रूप से जल्दी खत्म हो गया है और गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहने और तापमान बढ़ने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है। यह बदलाव न सिर्फ वर्तमान मौसम को दर्शाता है, बल्कि भविष्य में और बड़े जलवायु परिवर्तनों की ओर भी इशारा करता है।


