February 19, 2026

पटना में दोस्त की शादी में गए युवक का पकड़ुआ विवाह, महिला आयोग पहुंचा मामला, 9 मार्च को सुनवाई

  • पकड़ुआ विवाह और हत्या के आरोपों का मामला, महिला पहले से शादीशुदा, पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

पटना। बिहार राज्य महिला आयोग में एक जटिल पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें पति और पत्नी ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पति ने अपनी पत्नी पर पहले विवाह से जन्मे दो बच्चों की हत्या कराने का आरोप लगाया है, जबकि पत्नी ने अपने ससुराल वालों पर दहेज की मांग और उसे जिंदा जलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इस मामले की सुनवाई महिला आयोग में चल रही है और आयोग ने अगली सुनवाई की तिथि 9 मार्च निर्धारित की है। यह मामला पटना के सालीमपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जबकि महिला नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। दोनों की शादी 12 नवंबर 2024 को हुई थी। इस शादी को लेकर पति ने दावा किया है कि यह पकड़ुआ विवाह था, यानी उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरदस्ती कराई गई शादी थी। वहीं, पत्नी ने इसे सामान्य विवाह बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
पत्नी ने ससुराल पक्ष पर लगाया जलाने की कोशिश का आरोप
महिला ने महिला आयोग में दिए गए अपने आवेदन में बताया कि शादी के समय उसके परिवार की ओर से उपहार स्वरूप चार लाख रुपए नकद और लगभग ढाई लाख रुपए का सामान दिया गया था। उसने कहा कि शादी के शुरुआती सात महीने तक ससुराल में उसका जीवन सामान्य था और परिवार का व्यवहार भी ठीक था। लेकिन इसके बाद पति और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने दहेज की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि जब उसने दहेज देने से इनकार किया, तो उसके पति और ससुराल वालों ने उस पर किरासन तेल डालकर उसे जलाने की कोशिश की। उसने बताया कि किसी तरह वह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रही और अपने मायके नालंदा पहुंची। इस दौरान उसे कुछ चोटें भी आईं, जिसके बाद उसका इलाज स्थानीय सरकारी अस्पताल में कराया गया।
पति ने पत्नी पर लगाए हत्या और धोखाधड़ी के आरोप
दूसरी ओर, पति ने महिला आयोग के समक्ष अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि उसकी शादी जबरदस्ती कराई गई थी। उसने बताया कि वह अपने एक दोस्त की शादी में गया था, जहां कुछ लोगों ने उसे बहला-फुसलाकर करौटा स्थित जगदंबा स्थान ले जाकर जबरन उसकी शादी करवा दी। पति ने कहा कि जब उसके परिवार को इस बारे में जानकारी मिली, तो वे उसे वापस घर ले आए। परिवार ने यह सोचकर विवाह को स्वीकार कर लिया कि अब जब शादी हो चुकी है, तो इसे निभाया जाए। इसके बाद पत्नी को विधिवत विदा कराकर घर लाया गया। पति के अनुसार, शादी के तीन महीने बाद उन्हें पता चला कि महिला पहले से शादीशुदा थी और उसके पहले पति से दो बच्चे भी थे। पति ने आरोप लगाया कि महिला ने अपने पहले पति से विवाद के बाद अपने दोनों बच्चों की हत्या करवा दी थी। उसने महिला का एक वीडियो भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें महिला कथित रूप से इस बात को स्वीकार करती दिखाई दे रही है। पति ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली, तो महिला ने उन्हें आत्महत्या की धमकी दी और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की। उसने यह भी बताया कि महिला को हृदय संबंधी बीमारी थी और परिवार ने उसका इलाज भी कराया था।
बंधक बनाने और मारपीट का भी लगाया आरोप
पति ने यह भी आरोप लगाया कि जब महिला ने अपने मायके जाने की इच्छा जताई, तो वह और उसका परिवार उसे उसके गांव छोड़ने गए। वहां महिला के परिजनों ने उन्हें बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की। बाद में महिला ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पति का दावा है कि पुलिस की मदद से वे उस स्थिति से बाहर निकल सके, अन्यथा उनके साथ गंभीर घटना हो सकती थी।
महिला आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनी
इस मामले की सुनवाई कर रही बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने बताया कि महिला ने अपने आवेदन में ससुराल पक्ष पर जलाने की कोशिश और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। वहीं, सुनवाई के दौरान पति ने महिला पर पहले से शादीशुदा होने और अपने बच्चों की हत्या कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पति ने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने अपने पहले पति से तलाक लेने के लिए चार लाख रुपए की मांग की थी और अब वर्तमान पति से भी पैसे की मांग कर रही है। महिला आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई की तिथि 9 मार्च निर्धारित की है। आयोग ने संकेत दिया है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले ने खड़े किए कई कानूनी और सामाजिक सवाल
यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद का है, बल्कि इसमें दहेज प्रताड़ना, पकड़ुआ विवाह और हत्या जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। महिला आयोग द्वारा इस मामले की जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

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