पंजाब के मुख्यमंत्री अस्पताल में भर्ती, घातक केमिकल दिए जाने का दावा, ईमेल से मिली बम से उड़ाने की धमकी
मोहाली। पंजाब की राजनीति और प्रशासन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के इलाज के दौरान मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल मोहाली को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी ई-मेल के जरिए दोपहर भेजी गई, जिसमें न सिर्फ अस्पताल को निशाना बनाने की बात कही गई, बल्कि मुख्यमंत्री को कथित तौर पर घातक रासायनिक पदार्थ पोलोनियम से संक्रमित करने का दावा भी किया गया। धमकी मिलने के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
ई-मेल से दी गई धमकी, बढ़ी चिंता
धमकी भरी ई-मेल में दावा किया गया है कि भगवंत मान को पोलोनियम नामक रेडियोधर्मी पदार्थ से संक्रमित किया गया है। मेल में यह भी लिखा गया कि यदि मुख्यमंत्री बच गए तो उनके साथ वही अंजाम होगा, जैसा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के साथ हुआ था। उल्लेखनीय है कि बेअंत सिंह की चंडीगढ़ सचिवालय में मानव बम हमले में हत्या कर दी गई थी। मेल में बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए यह तक लिखा गया कि फोर्टिस अस्पताल से मुख्यमंत्री की लाश ही बाहर निकलेगी। धमकी सामने आते ही पंजाब पुलिस, खुफिया एजेंसियां और बम निरोधक दस्ते हरकत में आ गए। अस्पताल परिसर को चारों ओर से घेर लिया गया है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है।
अस्पताल और आसपास हाई अलर्ट
धमकी के बाद फोर्टिस अस्पताल में पांच बम निरोधक दस्तों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने अस्पताल की हर मंजिल, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के इलाकों की तलाशी शुरू कर दी है। मोहाली के पुलिस अधीक्षक दिलप्रीत सिंह ने बताया कि फिलहाल मुख्यमंत्री को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा पहले से ही कड़ी है और अब उसे और मजबूत कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा। हालांकि अब तक किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी सतर्कता के साथ की जा रही है।
स्कूलों को भी मिली धमकी
इस पूरे मामले को और गंभीर बनाते हुए, फोर्टिस अस्पताल के साथ-साथ मोहाली के 16 स्कूलों को भी धमकी भरे ई-मेल मिलने की जानकारी सामने आई है। इन ई-मेल्स में बच्चों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। एहतियातन प्रशासन ने तुरंत इन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी और बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया। स्कूल परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। धमकी भरे संदेश में पंजाब को खालिस्तान बताते हुए लिखा गया है कि लोग अपने बच्चों को बचा लें और स्कूल बंद रखें। ई-मेल भेजने वाले ने यह भी दावा किया कि यह धमकी कथित तौर पर खालिस्तान से जुड़े लोगों को गैंगस्टर बताकर उनके खिलाफ कार्रवाई का बदला है।
ई-मेल में किन संगठनों और नामों का जिक्र
ई-मेल हंटर फार्ले नाम की एक जी-मेल आईडी से भेजी गई बताई जा रही है। मेल के अंत में खालिस्तान नेशनल आर्मी नामक संगठन का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकन शाहवाला, डॉक्टर गुरनिरवीर सिंह और खान राजादा जैसे नामों का भी जिक्र किया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह मेल वास्तव में किसी संगठित साजिश का हिस्सा है या फिर पहले की तरह महज अफवाह फैलाने की कोशिश।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
पंजाब में इससे पहले भी अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली और चंडीगढ़ के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार जांच के बाद ये धमकियां खोखली साबित हुई थीं और कहीं कोई विस्फोट नहीं हुआ था। लेकिन इस बार मामला इसलिए ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि धमकी सीधे मुख्यमंत्री और उनके इलाज से जुड़े अस्पताल को लेकर दी गई है।
मुख्यमंत्री की तबीयत का हाल
मुख्यमंत्री भगवंत मान को पहले रविवार को उच्च रक्तचाप की शिकायत के बाद मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी, जिसके बाद वह मोगा में आम आदमी पार्टी सरकार की नशा विरोधी रैली में शामिल हुए। वहां कार्यक्रम के दौरान उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद सोमवार शाम करीब पांच बजे उन्हें फिर से उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में मुख्यमंत्री का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पोलोनियम क्या है और क्यों खतरनाक
धमकी में जिस पोलोनियम-210 का जिक्र किया गया है, उसे दुनिया के सबसे घातक जहरों में से एक माना जाता है। यह एक दुर्लभ रेडियोधर्मी पदार्थ है, जो अल्फा विकिरण उत्सर्जित करता है। यदि यह शरीर के अंदर भोजन, पानी या सांस के जरिए पहुंच जाए तो यह अंदरूनी अंगों और डीएनए को तेजी से नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के पदार्थ तक आम लोगों की पहुंच बेहद मुश्किल होती है।
जांच एजेंसियां सतर्क
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं, वहीं सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए काम कर रही हैं। पंजाब पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।


