पटना जू में बढ़ेगा आकर्षण: राजगीर से आईं दो शेरनियां, मार्च से शुरू होगी ऑनलाइन टिकट और गाइड सुविधा
पटना। राजधानी पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान, जिसे आमतौर पर पटना जू के नाम से जाना जाता है, अगले महीने से दर्शकों के लिए और अधिक आकर्षक बनने जा रहा है। वन्यजीव अदला-बदली कार्यक्रम के तहत राजगीर जू सफारी से दो मादा शेरनियों को पटना जू लाया गया है। इन शेरनियों को 15 फरवरी को राजगीर से लाकर पटना जू के क्वारंटाइन क्षेत्र में रखा गया है। निर्धारित नियमों के अनुसार इन्हें 30 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा, जिसके बाद ही इन्हें दर्शकों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। जू प्रशासन के अनुसार, केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत इन शेरनियों को क्वारंटाइन में रखा गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। क्वारंटाइन अवधि समाप्त होने के बाद, संभवतः मार्च के मध्य से दर्शक इन शेरनियों को पटना जू में देख सकेंगे। इससे जू आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस अदला-बदली कार्यक्रम के तहत पटना जू की एक मादा शेरनी ‘पार्वती’ को राजगीर जू सफारी भेजा गया है। इस कदम का उद्देश्य शेरों की ब्लड लाइन में विविधता लाना और आनुवंशिक संतुलन बनाए रखना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आनुवंशिक विविधता बनाए रखने से शेरों के स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। राजगीर जू सफारी में पहले कुल 11 शेर थे, जिनमें वर्ष 2024-25 के दौरान सात शावकों का जन्म हुआ था। वहां का वातावरण शेरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माना जाता है। अदला-बदली के बाद अब वहां कुल 10 शेर रह गए हैं। पटना लाई गई दोनों शेरनियां मूल रूप से गुजरात के गिर के जंगलों की प्रजाति की हैं, जिन्हें पहले राजगीर जू सफारी में रखा गया था। गिर के जंगल एशियाई शेरों के प्राकृतिक आवास के रूप में प्रसिद्ध हैं। पटना जू प्रशासन ने दर्शकों की सुविधा और जू प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए कई नई सुविधाओं की शुरुआत करने की भी घोषणा की है। मार्च के पहले सप्ताह से जू में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि, ऑफलाइन टिकट व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी, जिससे उन दर्शकों को भी सुविधा मिलती रहेगी जो ऑनलाइन माध्यम का उपयोग नहीं करते हैं। इसके अलावा, जू में पहली बार गाइड की सुविधा भी शुरू की जाएगी। इस सुविधा के तहत दर्शक निर्धारित शुल्क देकर प्रशिक्षित गाइड की सहायता से जू का भ्रमण कर सकेंगे और विभिन्न वन्यजीवों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे दर्शकों का अनुभव अधिक ज्ञानवर्धक और रोचक बनेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए जू परिसर में लगभग 150 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जा रही है, जो पूरे जू परिसर में आगंतुकों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेगा। इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी और जू की सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। इसके साथ ही जू की दीवारों पर दोनों ओर आकर्षक 3-डी पेंटिंग कराई जाएगी, जिससे जू का सौंदर्य और आकर्षण बढ़ेगा। यह पहल खासतौर पर बच्चों और पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव प्रदान करेगी और जू को और अधिक मनोरंजक बनाएगी। पटना जू प्रशासन का मानना है कि इन सभी नई सुविधाओं और वन्यजीवों के आगमन से जू की लोकप्रियता में और वृद्धि होगी। नई शेरनियों का आगमन, ऑनलाइन टिकट सुविधा, गाइड सेवा और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था के साथ पटना जू अब आधुनिकता और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक नया उदाहरण स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


