February 17, 2026

जेईई मेंस परीक्षा का रिजल्ट जारी: दिल्ली के श्रेयस मिश्रा बने टॉपर, बिहार के शुभम ने स्कोर किया 100 परसेंटाइल

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन सेशन-1, 2026 का परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिया गया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी इस परिणाम का लाखों छात्रों को लंबे समय से इंतजार था। रिजल्ट ऑनलाइन माध्यम से आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया गया है, जहां अभ्यर्थी अपना आवेदन संख्या, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज कर स्कोरकार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। रिजल्ट जारी होने के साथ ही टॉपर्स की सूची और प्रतिशतांक भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इससे पहले परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जा चुकी थी, जिसके बाद छात्रों को अपने परिणाम को लेकर स्थिति का अनुमान लग गया था। इस बार का परिणाम कई मायनों में खास रहा है, क्योंकि 12 छात्रों ने शत-प्रतिशत अंक यानी 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है।
दिल्ली के श्रेयस मिश्रा बने देश के टॉपर
जेईई मेन सेशन-1, 2026 में दिल्ली के श्रेयस मिश्रा ने पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर सर्वोच्च रैंक प्राप्त कर देशभर में टॉप किया है। श्रेयस की इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि दिल्ली के शैक्षणिक जगत में भी उत्साह देखा जा रहा है। परीक्षा परिणाम के साथ ही उनका नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
12 छात्रों ने हासिल किया 100 पर्सेंटाइल
इस वर्ष कुल 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल का स्कोर हासिल किया है। इनमें विभिन्न राज्यों के छात्र शामिल हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से आकर इस प्रतियोगी परीक्षा में शीर्ष पर पहुंचे हैं। 100 पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले छात्रों में दिल्ली, बिहार, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों का प्रतिनिधित्व देखने को मिला है। इन टॉपर्स में दिल्ली के श्रेयस मिश्रा के अलावा आंध्र प्रदेश के नरेंद्रबाबू गारी मथीथ और पसला मोहित, बिहार के शुभम कुमार, राजस्थान के कबीर छिल्लर, चिरंजीब कर और अर्णव गौतम, ओडिशा के भावेश पात्र, हरियाणा के अनय जैन, महाराष्ट्र के माधव विरडिया, गुजरात के पुरोहित निमय और तेलंगाना के विवान शरद महिश्वरी शामिल हैं। इन सभी छात्रों ने देश के लाखों अभ्यर्थियों के बीच अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
बिहार के शुभम कुमार का शानदार प्रदर्शन
इस परीक्षा परिणाम में बिहार के शुभम कुमार का नाम भी खास तौर पर चर्चा में है। शुभम ने 100 पर्सेंटाइल हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। बिहार जैसे राज्य से आने वाले छात्रों के लिए यह उपलब्धि प्रेरणादायक मानी जा रही है। शुभम की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत और सही दिशा में तैयारी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
छात्राओं में हरियाणा की अर्शी ग्रोवर अव्वल
जहां कुल मिलाकर 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया, वहीं छात्राओं की बात करें तो हरियाणा की अर्शी ग्रोवर ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 99.996 पर्सेंटाइल के साथ छात्राओं की सूची में पहला स्थान प्राप्त किया है। अर्शी की इस सफलता को महिला अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
परीक्षा में भागीदारी का आंकड़ा
इस वर्ष जेईई मेन परीक्षा के लिए कुल 13 लाख 55 हजार 293 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 13 लाख 4 हजार 653 अभ्यर्थियों ने वास्तव में परीक्षा में हिस्सा लिया। यानी लगभग 96.26 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा दी। यह आंकड़ा बताता है कि जेईई मेन परीक्षा को लेकर छात्रों में कितनी गंभीरता और प्रतिस्पर्धा है। लिंग के आधार पर देखें तो परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों में पुरुष अभ्यर्थियों की संख्या 8 लाख 55 हजार 85 रही, जबकि महिला अभ्यर्थियों की संख्या 4 लाख 49 हजार 568 थी। यह आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के प्रति छात्राओं की रुचि लगातार बढ़ रही है।
आगे की राह
जेईई मेन सेशन-1 का परिणाम घोषित होने के बाद अब छात्रों की नजर सेशन-2 की परीक्षा और उसके बाद होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड पर टिकी है। जेईई मेन के आधार पर देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों और अन्य केंद्रीय सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थानों में दाखिला मिलता है। रिजल्ट जारी करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना पुस्तिका और आगे की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी जानकारियों को ध्यान से पढ़ें। परिणाम के बाद काउंसलिंग और प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके जरिए छात्र अपने पसंदीदा संस्थान और पाठ्यक्रम का चयन कर सकेंगे। जेईई मेन 2026 सेशन-1 का परिणाम लाखों छात्रों के लिए राहत और उम्मीद लेकर आया है। टॉपर्स की सफलता जहां प्रेरणा देती है, वहीं अन्य छात्रों के लिए यह आत्ममंथन और आगे बेहतर करने का अवसर भी है।

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