February 14, 2026

पटना-तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर धन पशुओं की गिद्ध दृष्टि,लगने लगे भाव,ब्लैक मनी ट्रैक से उच्च सदन तक!

पटना-तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अकूत धन के बदौलत जुगाड़ सेट करने में जुटे परीक्षा से लेकर प्रॉपर्टी माफिया,मतदाता सावधान

पटना (बन बिहारी) बिहार विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र 2026 की चुनाव प्रक्रिया आरंभ हो गई है। गत 13 जनवरी 2026 को निर्वाचन विभाग के निर्देशों पर तिरहुत तथा पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए द्विवार्षिक चुनाव तथा मतदान केदो के गठन की तैयारी शुरू हो गई है। माना जाता है कि इसी वर्ष के अक्टूबर माह में इन दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर चुनाव कराया जा सकते हैं। पटना तथा तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर इस बार गिद्ध की तरह कई धन पशु तथा माफिया टाइप लोग नजर गड़ाए बैठे हैं।हालांकि शिक्षक तथा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अभी तक माफिया टाइप चरित्र के लोगों का सदन तक पहुंचाना ज्यादा संभव नहीं रहा है। अगर एक दो अपवादों को छोड़ दें।तो अधिकांश मामलों में शिक्षक ही शिक्षकों के प्रतिनिधि के तौर पर सदन पहुंचते रहे हैं। पिछली दफा प्रदेश के एक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एक राष्ट्रीय पार्टी ने बालू कारोबार में स्थापित व्यक्तित्व को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। जो उम्मीदवार पैसे से शिक्षक भी नहीं था वह शिक्षकों के भविष्य निर्धारण करने के लिए फूल पकड़ कर सदन तक पहुंच भी गया। जिसके बाद अब कई धन पशु तथा माफिया टाइप लोग थैली लेकर पटना तथा तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मंडराने लगे हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार पांच बार से प्रो नवल किशोर यादव चुनाव जीत रहे हैं। शुरुआत में तीन चुनाव वे राजद के टिकट पर जीतते रहे।लेकिन चौथी- पांचवीं बार वे भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते हैं।प्रो नवल किशोर यादव इस बार भी भाजपा के तरफ से मैदान में उतरेंगे। पिछली बार राजद ने उनके खिलाफ नारायण यादव को टिकट दिया था। जो प्रोफेसर नवल किशोर यादव के समक्ष टिक नहीं सके। वही 2014 का चुनाव में प्रोफेसर नवल किशोर यादव ने भाजपा के टिकट पर जदयू के प्रत्याशी को पराजित किया था। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रोफेसर संजय कुमार सिंह लगातार दो बार से चुनाव जीत रहे हैं। 2014 में उन्होंने भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह को हराया था। वहीं पिछली बार के करीब प्रतिस्पर्धा में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भूषण झा को मात दी थी। वही उस चुनाव में नरेंद्र प्रसाद सिंह तीसरे स्थान पर रहे। प्रदेश के इन दोनों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी तरह के प्रत्याशी क्षेत्र में सक्रिय होने लगे हैं। ऐसे में शिक्षकों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे चुनाव में ऐसे किसी प्रत्याशी के झांसे में नहीं आए।जो परीक्षा माफिया, स्वास्थ्य माफिया, प्रॉपर्टी माफिया या बालू माफिया गिरी करके अकूत धन दौलत जुटा चुका हो तथा उस अवैध ‘खज़ाने’ के बदौलत वह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सदन पहुंचने की तमन्ना रखता हो। इस प्रकार के कई उम्मीदवार सोशल मीडिया में सक्रिय दिखने लगे हैं।पटना तथा तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के शिक्षक मतदाताओं को ऐसी प्रवृत्ति के लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।अन्यथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जहां से अक्सर शिक्षा जगत के ‘भूषण’ सदन तक पहुंच कर लोकतंत्र का श्रृंगार करते रहे हैं।वहां भी अब ‘ब्लैक मनी ट्रैक’ से सदन पहुंचने की परंपरा आरंभ हो जाएगी।

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