कोचिंग छात्रा मौत मामला: दरिंदगी के बाद छत से फेंककर हत्या का आरोप, पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार, सड़क जामकर प्रदर्शन
- पूर्व विधायक की बड़ी मांग: 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, न्यायिक जांच आयोग का गठन कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
- घटनास्थल पहुंचे सीनियर एसएसपी, इलाके में तनावपूर्ण माहौल
फुलवारीशरीफ, (अजीत)। 16 वर्षीय कोचिंग छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। छात्रा के परिजनों ने कोचिंग संस्थान में दरिंदगी के बाद छत से फेंक कर हत्या किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में मेडिकल बोर्ड द्वारा पटना एम्स में पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लगने की संभावना है। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने न्यायिक जांच की मांग उठाई है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के सीनियर एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा खुद घटनास्थल पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। परिजनों के अनुसार छात्रा फुलवारी शरीफ स्थित फंडामेंटल कोचिंग में पढ़ाई करने गई थी। आरोप है कि कोचिंग संस्थान में कुछ लोगों द्वारा छात्रा के साथ दरिंदगी की गई। विरोध करने पर छात्रा को कोचिंग की छत से नीचे फेंक दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने छात्रा के शरीर पर कई जगह गंभीर चोट और जख्म के निशान होने का दावा किया है। घटना के बाद छात्रा का मेडिकल बोर्ड द्वारा पटना एम्स में कई घंटे तक पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है और इसके आने में तीन से चार दिन लगने की संभावना जताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह परिजनों ने छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार सुबह पूर्व विधायक गोपाल रविदास सीपीआई एमएल के नेताओं के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ कोचिंग में दरिंदगी कर हत्या कर दी गई और उन्हें न्याय चाहिए। पूर्व विधायक ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर घटना की जानकारी जुटाई। घटना के विरोध में पूर्व विधायक के नेतृत्व में एम्स गोलंबर के पास सड़क जाम कर दिया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। सड़क जाम के कारण एम्स गोलंबर के आसपास चारों ओर लंबा जाम लग गया। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की। कुछ स्थानों पर आगजनी की भी सूचना सामने आई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा दलबल के साथ फुलवारी शरीफ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर और शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ दरिंदगी कर उसे छत से फेंक कर हत्या की गई है। उन्होंने इस मामले में एसआईटी जांच पर अविश्वास जताते हुए न्यायिक जांच आयोग गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जिससे छात्राएं और अभिभावक भय के माहौल में हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की कि 24 घंटे के अंदर इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि धरना स्थल पर एम्स रोड जाम है। उन्होंने कहा कि कोचिंग छात्रा के साथ दरिंदगी कर उसे इंस्टिट्यूट के छत से फेंक दिया गया जहां उसकी मौत हो गई। इस घटना की तीखी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि एसआईटी नहीं बल्कि इस घटना पर न्यायिक जांच आयोग गठित किया जाए। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस और एसआईटी पर उन्हें विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में इस तरह की लगातार घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने जानीपुर इलाके के अपहरण मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक माह पहले नीट छात्रा मामले में भी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कोचिंग छात्रा मौत मामले में पुलिस 24 घंटे में यह पता लगाए कि इस घटना में कौन-कौन शामिल हैं और उन्हें गिरफ्तार करे। उन्होंने कहा कि पूरे फुलवारी शरीफ में बच्चियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं और लोगों में डर का माहौल है। उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई कर दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर लोगों में डर का माहौल है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


