चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, दो दिनों में 24 हजार हुआ सस्ता, 1.51 लाख पहुंचा सोना
नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में 13 फरवरी को लगातार दूसरे दिन सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ताजा आंकड़ों के अनुसार चांदी में भारी गिरावट देखने को मिली है, जबकि सोना भी दबाव में रहा। हालांकि लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो दोनों कीमती धातुओं ने पिछले एक साल में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की है।
दो दिनों में चांदी 24 हजार रुपये सस्ती
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक एक किलोग्राम चांदी की कीमत में 17,188 रुपये की गिरावट आई और इसका भाव 2,41,945 रुपये प्रति किलो पर आ गया। इससे पहले चांदी 2,59,133 रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी। यदि पिछले दो दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी की कीमत में कुल मिलाकर 24 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। 11 फरवरी को एक किलो चांदी 2,66,449 रुपये पर थी, जो अब घटकर 2,41,945 रुपये रह गई है। इस तेज गिरावट ने निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों दोनों का ध्यान खींचा है।
सोने में भी आई नरमी
सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने का भाव 2,899 रुपये घटकर 1,52,751 रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले यही सोना 1,55,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। हालांकि हाल की गिरावट के बावजूद सोने का दाम अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। कुछ सप्ताह पहले ही सोना अपने सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब पहुंच गया था। बाजार में उतार-चढ़ाव का यह दौर निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत माना जा रहा है।
रिकॉर्ड स्तर से नीचे आए दाम
29 जनवरी को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था। उस दिन 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,76,121 रुपये तक पहुंच गया था, जबकि एक किलो चांदी का भाव 3,85,933 रुपये रहा था। उसके बाद से कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में बदलाव के कारण घरेलू बाजार में दबाव देखने को मिला है। इसे सामान्य बाजार सुधार की प्रक्रिया बताया जा रहा है।
साल की शुरुआत से अब तक का रुझान
हाल की गिरावट के बावजूद वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,33,195 रुपये था, जो अब बढ़कर 1,52,751 रुपये हो गया है। यानी इस अवधि में 22,000 रुपये से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। चांदी में भी इसी अवधि में लगभग 28,000 रुपये की वृद्धि देखी गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी 2,30,420 रुपये की थी, जो अब 2,41,945 रुपये प्रति किलो के स्तर पर है।
पिछले वर्ष की बड़ी छलांग
यदि 2025 के पूरे वर्ष के आंकड़ों को देखें तो सोने की कीमत में लगभग 57,000 रुपये यानी करीब 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना 76,162 रुपये का था, जो एक साल में बढ़कर 1,33,195 रुपये हो गया। चांदी में तो इससे भी अधिक तेजी दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपये की थी, जो वर्ष के अंत तक 2,30,420 रुपये तक पहुंच गई। यानी करीब 1.44 लाख रुपये या लगभग 167 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों के अनुसार कीमती धातुओं की कीमतें कई वैश्विक और घरेलू कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां, ब्याज दरों में बदलाव, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, मुद्रा विनिमय दर और निवेशकों की मांग प्रमुख भूमिका निभाती है। हाल की गिरावट को विशेषज्ञ अल्पकालिक सुधार मान रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय में सोना और चांदी सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में बने रहते हैं, लेकिन अल्पकाल में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है।
खरीदारी से पहले रखें ध्यान
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि सोना खरीदते समय गुणवत्ता और शुद्धता की जांच अवश्य करें। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदना सुरक्षित माना जाता है। हॉलमार्किंग से यह सुनिश्चित होता है कि सोना निर्धारित कैरेट का है।सोने पर अंकित अल्फान्यूमेरिक कोड उसकी शुद्धता का प्रमाण होता है। इससे उपभोक्ता को धोखाधड़ी से बचाव मिलता है और निवेश सुरक्षित रहता है। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। निवेशक और आम खरीदार दोनों ही कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर सोना-चांदी के दाम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।


