बेगूसराय में महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ करने वाला युवक गिरफ्तार, बनाई थी अश्लील फोटो, किया वायरल
बेगूसराय। जिले में साइबर अपराध के एक गंभीर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर फर्जी पहचान बनाकर गांव की महिलाओं और युवतियों की तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील रूप में प्रसारित कर रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद गांव में राहत की भावना देखी जा रही है। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कंकौल गांव का है। साइबर पुलिस को शिकायत मिली थी कि फेसबुक पर “किमार शिवम” नाम की एक आईडी से लगातार आपत्तिजनक सामग्री साझा की जा रही है। आरोप है कि इस आईडी के माध्यम से गांव की महिलाओं और युवतियों की तस्वीरों को अन्य पुरुषों की तस्वीरों के साथ जोड़कर अश्लील भोजपुरी गानों के साथ संपादित किया जाता था और फिर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया जाता था। इन आपत्तिजनक पोस्टों के कारण गांव में तनाव का माहौल बन गया था। कई परिवारों की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही थी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि गांव के ही एक युवक शिवम कुमार ने आगे बढ़कर साइबर थाने में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई और न्याय की मांग की। साइबर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। साइबर उपाधीक्षक इमरान अहमद ने बताया कि डिजिटल फुटप्रिंट और आईपी एड्रेस की मदद से जांच को आगे बढ़ाया गया। तकनीकी विश्लेषण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि फर्जी आईडी के पीछे कंकौल गांव निवासी विकास कुमार, उम्र 19 वर्ष, का हाथ है। पुलिस के अनुसार आरोपी तकनीकी रूप से चालाकी से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। वह किसी अन्य युवक को बदनाम करने की नीयत से फर्जी पहचान बनाकर यह कृत्य कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह नियमित रूप से तस्वीरों को संपादित कर उन्हें अश्लील सामग्री के साथ जोड़ता था, जिससे गांव में आपसी रंजिश और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। पुलिस ने घेराबंदी कर विकास कुमार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरदिया चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 77, 78, 318 (4), 319 (2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66, 66 (सी) और 66 (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या आरोपी ने अन्य फर्जी आईडी के माध्यम से भी इस प्रकार की गतिविधियां संचालित की थीं। साइबर उपाधीक्षक ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों पर पुलिस की लगातार नजर रहती है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल की गोपनीयता सेटिंग्स सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि अपराधियों तक शीघ्र पहुंचा जा सके। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग किस प्रकार लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गांव में फैला तनाव कम हुआ है और लोगों ने प्रशासन के प्रति संतोष व्यक्त किया है।


