February 13, 2026

महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त में मिलेंगे 20 हजार रुपए, चयन प्रक्रिया जारी, भुगतान जल्द

पटना। बिहार की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत एक बार फिर अच्छी खबर सामने आई है। योजना की दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपए की राशि मार्च के अंतिम सप्ताह तक जारी किए जाने की तैयारी है। यह लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा, जिन्हें नवंबर में पहली किस्त के तौर पर 10-10 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि चयन प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र महिला उद्यमियों के खातों में राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेज दी जाए।
दूसरी किस्त की तैयारी तेज
विभागीय अधिकारियों के अनुसार दूसरी किस्त जारी करने से पहले पात्र महिलाओं का चयन किया जा रहा है। जीविका समूह से जुड़ी दीदियों के माध्यम से जिला कार्यालय स्तर पर सूची तैयार की जा रही है। हालांकि मुख्यालय को सूची भेजने की अंतिम तिथि अभी स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही नामों की सूची भेज दी जाएगी। यह राशि सीधे महिला उद्यमी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी रहे और लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अंशदान के साथ मिलेगा लाभ
योजना की खास बात यह है कि दूसरी किस्त की 20 हजार रुपए की राशि के साथ महिला को खुद भी 5 हजार रुपए का अंशदान देना होगा। यानी कुल 25 हजार रुपए से अपने रोजगार को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी महिला की होगी। सरकार का मानना है कि जब लाभार्थी खुद भी निवेश करती है तो वह अपने उद्यम को अधिक गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संचालित करती है। अधिकारियों के मुताबिक योजना की पूरी राशि किस्तों में दी जाएगी, ताकि व्यवसाय की प्रगति के अनुसार सहायता मिलती रहे और निगरानी भी आसान हो सके।
आगे की किस्तों का खाका
जानकारी के अनुसार तीसरी किस्त 40 हजार रुपए की होगी, जिसमें महिला को 10 हजार रुपए का अंशदान करना होगा। चौथी और अंतिम किस्त 60 हजार रुपए की निर्धारित की गई है, जिसके लिए 15 हजार रुपए महिला को स्वयं मिलाने होंगे। हर चरण में लगभग 25 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी महिला को जोड़नी होगी। इस चरणबद्ध व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थी वास्तव में अपना रोजगार बढ़ा रही हैं और योजना की राशि का सही उपयोग हो रहा है। विभाग समय-समय पर निगरानी और मूल्यांकन भी करेगा।
योग्यता के लिए तय मानक
दूसरी किस्त जारी करने से पहले कुछ अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहले महिला उद्यमी के उद्योग का फिजिकल वेरीफिकेशन किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों की टीम यह जांच करेगी कि व्यवसाय वास्तव में संचालित हो रहा है या नहीं। इसके अलावा जीविका समूह से जुड़ना अनिवार्य है। समूह की बैठकों में नियमित उपस्थिति भी देखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि समूह से जुड़ाव महिलाओं को सामूहिक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिससे उनके व्यवसाय को मजबूती मिलती है।
सही लेखा-जोखा भी जरूरी
योजना के तहत लाभ पाने के लिए आय और खर्च का स्पष्ट और सही हिसाब रखना भी जरूरी है। महिला उद्यमी को यह दिखाना होगा कि पहली किस्त की राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और उससे व्यवसाय में क्या प्रगति हुई। यदि सभी मानक पूरे पाए जाते हैं, तभी दूसरी किस्त की राशि खाते में भेजी जाएगी। विभाग का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, ताकि योजना का लाभ सही हाथों तक पहुंचे।
महिलाओं में उत्साह
पहली किस्त मिलने के बाद कई महिलाओं ने सिलाई, डेयरी, किराना दुकान, ब्यूटी पार्लर और अन्य छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं। दूसरी किस्त की घोषणा से उनमें उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका समूह की महिलाएं इस योजना को आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम मान रही हैं। हालांकि कुछ महिलाएं चयन प्रक्रिया और मानकों को लेकर थोड़ी चिंता भी जता रही हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जिन लाभार्थियों ने नियमों का पालन किया है, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
मार्च के अंत तक भुगतान की उम्मीद
विभागीय सूत्रों के अनुसार मार्च के अंतिम सप्ताह तक दूसरी किस्त जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। सूची मुख्यालय पहुंचते ही स्वीकृति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अब सभी की नजरें चयन प्रक्रिया और भुगतान की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। दूसरी किस्त जारी होते ही हजारों महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को विस्तार देने का नया अवसर मिलेगा।

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