जहानाबाद में दसवीं की छात्रा तीन दिनों से लापता, परिवार में दहशत; मानव तस्करी की आशंका
जहानाबाद। जिले के राजाबाजार इलाके से दसवीं कक्षा की एक छात्रा के रहस्यमय ढंग से लापता होने की घटना ने पूरे शहर को चिंता और सन्नाटे में डाल दिया है। निक्की कुमारी नामक छात्रा पिछले तीन दिनों से घर नहीं लौटी है। परिजन किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं और पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार 11 फरवरी की शाम निक्की सत्संग नगर से किताब लेने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में एक अज्ञात महिला ने दुर्घटना का हवाला देते हुए उससे मदद मांगी और अरवल मोड़ तक छोड़ने का अनुरोध किया। बताया जाता है कि निक्की ने मानवीय आधार पर महिला की सहायता करने के लिए सहमति दी। उसने एक दुकान से फोन लेकर घर पर सूचना भी दी थी कि वह महिला को अरवल मोड़ तक छोड़कर लौट रही है। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। निक्की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी केवल किताब लेने निकली थी और उन्हें अंदेशा नहीं था कि वह वापस नहीं लौटेगी। परिवार का कहना है कि घटना के तुरंत बाद थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस जांच में जुटी होने की बात कह रही है, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। राजाबाजार इलाके में इस घटना के बाद से दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग भी छात्रा की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। हर दस्तक और हर फोन कॉल पर परिवार की उम्मीदें जागती हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक सूचना नहीं मिली है। इस घटना ने राज्य में मानव तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के जून माह तक राज्य में कुल 271 लड़कियों को विभिन्न गिरोहों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। इनमें से 153 लड़कियों को कथित नृत्य मंडली के नाम पर लाया गया था, जबकि 118 को जबरन देह व्यापार में धकेला गया था। केवल सारण जिले में जनवरी से अब तक 162 लड़कियों को बचाया गया है। जिला पुलिस और किशोर न्याय संसाधन केंद्र के संयुक्त प्रयास से मार्च से जून के बीच 116 बच्चियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। हालांकि निक्की के मामले में अभी तक किसी आपराधिक गिरोह की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिजन और स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं वह किसी संगठित गिरोह के जाल में तो नहीं फंस गई। पुलिस ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं पर जांच की बात कही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा के मोबाइल कॉल विवरण और संभावित मार्ग की जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उस अज्ञात महिला की पहचान करने का प्रयास भी जारी है, जिसने मदद के नाम पर निक्की को साथ लिया था। जिले के पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और विशेष टीम गठित कर खोजबीन की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। फिलहाल राजाबाजार और आसपास के इलाकों में भय और बेचैनी का वातावरण है। निक्की की बरामदगी केवल एक परिवार की चिंता नहीं, बल्कि पूरे शहर की संवेदनशीलता का प्रश्न बन गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब इस गुमशुदगी के मामले में ठोस सुराग सामने आता है और छात्रा सकुशल घर लौटती है।


