टीआरई-4 के तहत 45,198 शिक्षकों की होगी बहाली, रास्ता साफ, भेजी गई रिक्तियों की अधियाचना
पटना। बिहार सरकार ने स्कूल शिक्षक बहाली के चौथे चरण टीआरई-4 के तहत नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए रिक्त पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी है। अब आयोग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसमें आवेदन भरने की तिथि, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार की ओर से कुल 45 हजार 198 पदों पर नियुक्ति को अंतिम रूप दिया गया है। हालांकि, यह चरण अब तक के शिक्षक बहाली अभियानों में सबसे कम पदों वाला चरण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस चरण में सर्वाधिक नियुक्तियां प्लस टू यानी 10+2 विद्यालयों में होंगी, जहां 16 हजार 774 पदों पर शिक्षकों की बहाली की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा भेजी गई अधियाचना के अनुसार, प्राथमिक विद्यालयों यानी कक्षा 1 से 5 तक में 10 हजार 778 पद रिक्त हैं। इन पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें सर्वाधिक 7 हजार 184 पद सामान्य विषय के हैं। इसके अतिरिक्त उर्दू विषय के 3 हजार 559 तथा बांग्ला विषय के 35 पदों पर नियुक्ति होगी। मध्य विद्यालयों यानी कक्षा 6 से 8 तक में कुल 8 हजार 563 पदों पर बहाली की जाएगी। यहां गणित और विज्ञान विषय के शिक्षकों की संख्या सर्वाधिक है। गणित एवं विज्ञान के 2 हजार 188 पदों पर नियुक्ति होगी। सामाजिक विज्ञान विषय के 1 हजार 190, हिंदी के 1 हजार 96, अंग्रेजी के 1 हजार 929, संस्कृत के 1 हजार 225 तथा उर्दू के 935 पदों पर शिक्षकों की बहाली की जाएगी। माध्यमिक विद्यालयों यानी कक्षा 9 और 10 में 9 हजार 83 पदों पर नियुक्ति होगी, जबकि प्लस टू विद्यालयों में 16 हजार 774 शिक्षकों की बहाली की जाएगी। यदि दोनों स्तरों को मिलाया जाए तो कुल 25 हजार 804 शिक्षकों की नियुक्ति माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में होगी। राजधानी पटना जिले में पदों की उपलब्धता सीमित होने के कारण यहां नियुक्ति प्राप्त करना अपेक्षाकृत कठिन माना जा रहा है। कक्षा 9 और 10 में संस्कृत विषय के 71, उर्दू के 31, सामाजिक विज्ञान के 4 तथा संगीत के 14 पद रिक्त हैं। अन्य अधिकांश विषयों में पद भरे हुए बताए जा रहे हैं। इसी प्रकार प्लस टू विद्यालयों में रसायन विज्ञान के 72, भौतिकी के 35, राजनीति शास्त्र के 14, अंग्रेजी के 34, हिंदी के 21, संस्कृत के 31 तथा उर्दू के 52 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। सीमित पदों के कारण अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा तीव्र होने की संभावना है। सरकार ने नियुक्ति की अधियाचना दो चरणों में आयोग को भेजी है। सबसे पहले 5 फरवरी 2026 को माध्यमिक और प्लस टू विद्यालयों के पदों की अधियाचना भेजी गई। इसके बाद 9 फरवरी 2026 को प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के पदों की अधियाचना आयोग को प्रेषित की गई। अब अभ्यर्थियों को आयोग की अधिसूचना का इंतजार है, जिसमें आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा तिथि की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से बहाली की मांग लंबित थी और इस निर्णय से उन्हें उम्मीद की नई किरण मिली है। हालांकि पदों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने से कई अभ्यर्थियों में असंतोष भी देखा जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर ही यह प्रक्रिया शुरू की गई है और आगे भी आवश्यकता के अनुसार बहाली की जाएगी। राज्य सरकार का दावा है कि इस नियुक्ति प्रक्रिया से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अब सभी की निगाहें बिहार लोक सेवा आयोग की अधिसूचना पर टिकी हैं, जिसके जारी होते ही बहाली प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो जाएगी।


