पंजाब में यूपी और बिहार के मजदूरों पर फायरिंग, दो जख्मी, इलाके में हड़कंप, गैंगस्टर ने दी धमकी
मोगा। पंजाब के मोगा जिले में प्रवासी मजदूरों पर हमला होने की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के अनुसार यह हमला उस समय हुआ जब यूपी और बिहार के मजदूर एक राइस मिल में काम करने के बाद वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि दो से तीन नकाबपोश बदमाशों ने मजदूरों को निशाना बनाते हुए अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में दो मजदूर घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
हमले का समय और तरीका
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे की है। राइस मिल में काम करने वाले मजदूर सुबह से ही अपने काम में लगे हुए थे। काम के दौरान कुछ मजदूर खाने-पीने के लिए बाहर निकले थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे बदमाशों ने मजदूरों पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर पहले से इलाके की रेकी कर रहे थे। वे कई बार आसपास घूमते हुए देखे गए थे। घटना के दिन उन्होंने अचानक मजदूरों पर गोलियां चलाईं और तुरंत मौके से फरार हो गए।
घायलों की पहचान और इलाज
हमले में घायल हुए मजदूरों की पहचान अशोक कुमार और सुबोध के रूप में हुई है। दोनों मजदूर उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं और लंबे समय से पंजाब में मजदूरी कर रहे थे। गोली उनके पैरों में लगी है, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
गैंगस्टर की धमकी और सोशल मीडिया वीडियो
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने की बात सामने आई है। इस वीडियो में हमले को सही ठहराने की कोशिश की गई है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बंबीहा गैंग ने प्रवासी मजदूरों को धमकी दी है। वीडियो में यह भी कहा गया है कि यूपी और बिहार के लोगों ने पंजाब में अधिक संख्या में आकर काम करना शुरू कर दिया है, जिसे कुछ लोग स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वीडियो के साथ जारी संदेश में प्रवासी मजदूरों को पंजाब छोड़ने की धमकी दी गई है।
गांव के सरपंचों को भी दी गई चेतावनी
वायरल संदेश में गांवों के सरपंचों को भी चेतावनी दी गई है। कहा गया है कि वे प्रवासी मजदूरों को गांवों में रहने की अनुमति न दें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें भी परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। इस तरह की धमकियों से स्थानीय स्तर पर चिंता और भय का माहौल बन गया है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच
पंजाब पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस घटना को हेट क्राइम के रूप में नहीं देखा जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस हमले के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
प्रवासी मजदूरों में बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद पंजाब में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के बीच डर का माहौल बन गया है। बड़ी संख्या में यूपी और बिहार के मजदूर पंजाब के विभिन्न जिलों में फैक्ट्रियों और मिलों में काम करते हैं। ऐसे हमलों की खबरें आने से मजदूरों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। कई मजदूरों का कहना है कि वे रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में आते हैं और इस तरह की घटनाएं उन्हें भयभीत कर रही हैं।
स्थानीय लोगों और प्रवासियों के बीच संभावित तनाव
बीते कुछ महीनों में पंजाब में बाहरी लोगों को लेकर विवाद की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों के कारण स्थानीय लोगों और प्रवासी मजदूरों के बीच तनाव की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि कई सामाजिक संगठनों और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और इससे सभी वर्गों को नुकसान हो सकता है।
प्रशासन की अपील और सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और मजदूरों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
समाज में सौहार्द बनाए रखने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में विभाजन पैदा कर सकती हैं। प्रवासी मजदूर देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर काम करते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सभी वर्गों के बीच आपसी सहयोग और विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए शांति और सद्भाव बनाए रखने के प्रयास करने होंगे।


